
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक अहम कदम उठाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस समय SIR की प्रक्रिया चल रही है, वहां मतदाता सूची का मसौदा जारी होने से पहले ही बूथ स्तर पर छूटे हुए नामों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। यह सूची उन मतदाताओं की होगी, जो गणना फॉर्म भरने के दौरान अनुपस्थित पाए गए, स्थानांतरित हो चुके हैं, मृत घोषित किए गए हैं या जिनके नाम दो अलग-अलग जगह दर्ज पाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि यह बूथ-वार सूची न केवल बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को दी जाएगी, बल्कि राजनीतिक दलों के नामित बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को भी सौंपी जाएगी। आयोग के अनुसार, करीब पांच लाख बीएलओ और 12 लाख बीएलए को यह जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि) सूची में शामिल हर मतदाता की सही स्थिति की जांच हो सके और मसौदा सूची प्रकाशित होने से पहले किसी भी तरह की त्रुटि को सुधारा जा सके। आयोग ने बताया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।
इसी बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदान केंद्रों के पुनर्निधारण की घोषणा की तारीख भी तय कर दी है। आयोग के मुताबिक, राज्य में संशोधित कार्यक्रम के तहत 16 दिसंबर को एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 14 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से न छूटे।
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