FIR Against Blinkit: दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल स्टिंग ऑपरेशन में फास्ट-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने जांच के लिए ब्लिंकिट ऐप से एक चाकू ऑर्डर किया और पाया कि कंपनी नियमों का उल्लंघन कर रही थी और बैन हथियार बेच रही थी। खास बात यह है कि पुलिस ने जानबूझकर चाकू का डिलीवरी एड्रेस पुलिस स्टेशन की दूसरी मंजिल बताया था।
पुलिस ने प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध 50 चाकू बरामद किए, जो ब्लेड के साइज़ और स्पेसिफिकेशन को रेगुलेट करने वाले सरकारी नोटिफिकेशन का उल्लंघन करते थे। नियमों के मुताबिक, ज़्यादा से ज़्यादा 7.62 cm लंबाई और 1.72 cm चौड़ाई तक की चीज़ों की इजाज़त है; इससे ज़्यादा कुछ भी गैर-कानूनी है। इस मामले पर ब्लिंकिट की तरफ से तुरंत कोई जवाब नहीं आया है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
14 फरवरी को आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एक केस दर्ज किया गया। पुलिस को पता चला कि एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए कुछ चाकू बेचे जा रहे थे जो तय नियमों का उल्लंघन करते थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि डिलीवरी ऐप के ज़रिए 'स्टेनली नाइफ़' ऑर्डर किया जा सकता है।
वेरिफिकेशन प्रोसेस के तहत, पुलिस ने ऑर्डर दिया और डिलीवरी के बाद चाकू की जांच की। डिलिवरी में पुलिस को जो चाकू मिला वह फोल्डेबल था। इसके अलावा तय साइज से भी बड़ा था। पुलिस ने बताया कि चाकू की लंबाई 8 cm और चौड़ाई 2.5 cm थी। ऐसे चाकू बेचना गैर-कानूनी है।
दिल्ली पुलिस ने शुरू किया तलाशी अभियान
चाकू की डिलीवरी मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। फिर 15 फरवरी को पुलिस टीमों ने दिल्ली भर में प्लेटफॉर्म से जुड़े सभी स्टोरों तलाशी अभियान की शुरुआत की। इस अभियान में 16 गैर-कानूनी चाकू बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि 16 फरवरी को पुलिस ने ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया और गुरुग्राम के फर्रुखनगर में एक गोदाम की तलाशी ली, जहां से 32 और गैर-कानूनी चाकू बरामद हुए, जिससे कुल 50 चाकू बरामद किए गए।
कंपनी को नोटिस भेजने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि ब्लिंकिट को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा और जवाबदेही तय करने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब तलब किया जाएगा। यदि जांच में यह साबित होता है कि प्लेटफॉर्म ने नियमों की अनदेखी की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।