
Fire Safety Certificate Renewal: दिल्ली सरकार ने राजधानी के नागरिकों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का नवीनीकरण पूरी तरह ऑनलाइन होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस पोर्टल का शुभारंभ किया और इसे पारदर्शी शासन की दिशा में अहम कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले फायर परमिट और लाइसेंसिंग जैसी प्रक्रियाओं में कई एजेंसियों की भागीदारी होती थी, जिससे लोगों को दिक्कतें आती थीं। अब जिम्मेदारी साफ तौर पर तय कर दी गई है और अंतिम प्रमाणपत्र जारी करने का काम सीधे संबंधित विभाग करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था में फाइल प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। अब कोई भी नागरिक ऑनलाइन देख सकता है कि उसकी फाइल किस अधिकारी के पास है, कितने समय से लंबित है और किस चरण में है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक प्रमुख संकल्प डिजिटल इंडिया देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। उसी भावना के अनुरूप दिल्ली सरकार भी डिजिटल दिल्ली के लक्ष्य को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे आज रिक्शाचालक और सब्जी विक्रेता भी डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही शासन व्यवस्था को भी आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना जरूरी है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि नागरिकों को फेसलेस, पारदर्शी और तकनीक-आधारित सेवाएं मिलें।
रेखा गुप्ता ने आश्वस्त किया कि नागरिक सुरक्षा, सरल सेवाएं और पारदर्शी प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। आने वाले समय में भी इन क्षेत्रों में लगातार सुधार किए जाएंगे।
गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस पोर्टल का उद्देश्य सरकार की भूमिका को सरल और नागरिकों के लिए सहायक बनाना है। अब लोग अपने रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए जारी फायर क्लियरेंस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण तीन और पांच साल की अवधि पूरी होने पर ऑनलाइन कर सकेंगे। इससे न केवल सुविधा बढ़ेगी बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी और अनावश्यक विवादों, आरोप-प्रत्यारोपों में कमी आएगी।
सूद ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद सरल है। केवल चार जानकारी देनी होगी- मकान/प्रतिष्ठान का पता, पैन कार्ड, बिजली बिल का सीए नंबर और पुराने फायर क्लियरेंस सर्टिफिकेट का नंबर। इसके बाद आगे की पूरी प्रक्रिया विभाग खुद करेगा।