Flights cancelled: इस समय ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो अपने घर या काम के सिलसिले में हवाई यात्रा कर रहे थे। बीते दिन शनिवार का दिन हजारों हवाई यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा, जब भारत के प्रमुख एयरपोर्ट्स से सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अचानक रद्द कर दिया गया। आलम यह है कि लोग सूटकेस थामे घंटों से एयरपोर्ट के टर्मिनल्स पर बैठे हैं।
भारत के बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्री हुए बेहाल
शनिवार को भारत के लगभग हर बड़े शहर से उड़ान भरने वाले यात्री फंस गए। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान, इराक, यूएई, जॉर्डन और सीरिया जैसे देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसकी वजह से एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट्स या तो रद्द करनी पड़ीं या फिर उनका रास्ता बदलना पड़ा।
बेंगलुरु का हाल
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अबू धाबी, बहरीन और इटली जाने वाले यात्री अचानक फ्लाइट कैंसिल होने से परेशान दिखे। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन स्टाफ ने साफ कह दिया है कि जब तक युद्ध विराम (सीजफायर) नहीं होता, तब तक उड़ानें शुरू होने की कोई गारंटी नहीं है। यात्रियों की मदद के लिए टर्मिनल 2 पर एक स्पेशल हेल्प डेस्क भी बनाया गया है।
मुंबई में भी हजारों यात्री फंसे
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी यात्रियों ने जमकर गुस्सा निकाला। अमेरिका और यूरोप जाने वाले यात्रियों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई और अब एयरपोर्ट पर कोई सही जवाब देने वाला नहीं है। मुंबई एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पर एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
कोलकाता और तिरुवनंतपुरम में दर्जनों फ्लाइट्स कैंसिल
पश्चिम बंगाल और केरल भी इस संकट से अछूते नहीं रहे। कोलकाता से दोहा, दुबई और अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल होने से कई विदेशी नागरिक भी फंस गए हैं। वहीं, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर 28 फरवरी से 1 मार्च के बीच आने-जाने वाली दर्जनों फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा।
444 उड़ानें रद्द
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अकेले शनिवार को लगभग 444 उड़ानें एयरस्पेस पाबंदियों की वजह से प्रभावित हुईं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) एयरलाइंस के साथ मिलकर यात्रियों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने में जुटा है।
दुनिया भर में हड़कंप
इस संकट का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर दिख रहा है। कर्नाटक के एक जेडीएस (JD-S) विधायक भी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंस गए जब यूएई ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे बड़े एविएशन हब पर ऑपरेशन्स रुकने से दुनिया भर में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं।
भारतीय दूतावासों ने यूएई और अन्य खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एयरपोर्ट्स पर भीड़ इतनी बढ़ गई है कि सुविधाएं कम पड़ने लगी हैं और यात्रियों को फ्लाइट से उतारकर घंटों इंतजार कराया जा रहा है।