अमेरिका के बदनाम फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स को लेकर जारी सस्पेंस अब अपने चरम पर है। न्याय विभाग (DOJ) द्वारा आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की समयसीमा से ठीक पहले, हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट्स ने 68 नई तस्वीरों का एक जत्था जारी कर दिया है। ये तस्वीरें उस विशाल संग्रह का हिस्सा हैं, जिसमें लगभग 95,000 इमेज शामिल हैं। हालांकि ये तस्वीरें सीधे तौर पर किसी अपराध की पुष्टि नहीं करतीं, लेकिन एपस्टीन के उस रसूखदार नेटवर्क की गवाही जरूर दे रही हैं, जो सालों तक पर्दे के पीछे छिपा रहा।
बिल गेट्स और नोआम चॉम्स्की का नाम आया सामने
इन नई तस्वीरों में दुनिया की कुछ सबसे प्रभावशाली हस्तियां नजर आ रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को एक महिला के साथ देखा जा सकता है, जबकि प्रसिद्ध बुद्धिजीवी नोआम चॉम्स्की एपस्टीन के साथ एक विमान में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इनके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व रणनीतिकार स्टीव बैनन, फिल्म निर्माता वुडी एलन और कतर के शाही परिवार के सदस्य शेख जाबोर बिन यूसुफ भी इन तस्वीरों का हिस्सा हैं।
हालांकि इन सभी ने पहले भी एपस्टीन से मुलाकात की बात स्वीकार की है, लेकिन इन तस्वीरों का सामने आना सार्वजनिक चर्चाओं को फिर से गर्म कर गया है। वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, ब्रिटिश आंट्रप्रन्योर रिचर्ड ब्रैन्सन जैसी कई प्रमुख हस्तियों की तस्वीरें पहले ही उजागर हो चुकी हैं।
'लोलिता' और शरीर पर लिखे संदेश
रिलीज की गई तस्वीरों में कुछ बेहद परेशान करने वाले दृश्य भी हैं। एक तस्वीर में एक महिला के पैर पर मशहूर उपन्यास 'लोलिता' की पंक्तियां हाथ से लिखी हुई दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, शरीर के अन्य हिस्सों जैसे गर्दन, पीठ और छाती पर भी इसी तरह के आपत्तिजनक संदेश लिखे मिले हैं।
लोलिता एक उम्रदराज व्यक्ति के बच्ची के प्रति यौन आकर्षण पर आधारित उपन्यास है। एक अन्य स्क्रीनशॉट में एक अज्ञात व्यक्ति 'लड़कियों की भर्ती' के लिए 1,000 डॉलर प्रति लड़की की मांग करता नजर आ रहा है, जो एपस्टीन के काले साम्राज्य की भयावहता की ओर इशारा करता है।
यूक्रेन से रूस तक फैला जाल
कमेटी द्वारा साझा किए गए दस्तावेजों में कई देशों के पासपोर्ट और पहचान पत्र भी शामिल हैं। इनमें यूक्रेन, रूस, लिथुआनिया, चेक गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका की महिलाओं के पासपोर्ट प्रमुख हैं। इन दस्तावेजों में नामों को सुरक्षा कारणों से छिपा दिया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि एपस्टीन का नेटवर्क सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं था। एक दस्तावेज पर तो स्पष्ट रूप से लिखा है कि 'धारक को नाबालिग के खिलाफ यौन अपराध का दोषी ठहराया गया है', जो संभवतः खुद एपस्टीन का ही रिकॉर्ड है।
अब खुलेगा पूरा सच?
'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत अब सबकी नजरें अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) पर टिकी हैं। शनिवार को इसकी आखिरी डेडलाइन है। हालांकि, न्याय विभाग के भीतर 1,000 से अधिक सुधारों को लेकर आंतरिक खींचतान की खबरें भी आ रही हैं। डेमोक्रेट्स इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी ने उन पर 'चेरी-पिकिंग' यानी अपनी पसंद की तस्वीरें जारी कर नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर कई बार यू-टर्न लिया है, लेकिन अब कानूनन इन फाइलों को बाहर आना ही होगा।