Gauri Khan Dalhousie Villa: पहाड़ों में बना एक पुराना घर, जहां कभी गर्मियों की छुट्टियां, फैमिली गेट-टुगेदर और बचपन की यादें बसती थीं। अब वही घर एक खूबसूरत लग्जरी रिट्रीट में बदल चुका है। मशहूर इंटीरियर डिजाइनर और आंत्रप्रेन्योर गौरी खान ने हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में अपने परिवार के लगभग 100 साल पुराने घर को नया रूप दिया है। इस घर को उन्होंने एक बुटीक लग्जरी रिट्रीट में बदल दिया है, जिसका नाम रखा गया है द चेस्टनट ग्रोव। अब यह मेहमानों के लिए खुल चुका है।
घर का इतिहास
यह घर गौरी खान के ननिहाल से जुड़ा है। उनके मामा तेजिंदर तिवारी के परिवार का यह पुश्तैनी घर है, जिसे उनके परदादा सूरज भान तिवारी ने खरीदा था। गौरी ने अपना बचपन इसी घर में बिताया। इसलिए इस घर को फिर से संवारना उनके लिए सिर्फ एक डिजाइन असाइनमेंट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर भी था। उन्होंने अपने कजिन रुस्तम तिवारी के साथ मिलकर इसे नया रूप दिया।
अब कैसा है घर का डिजाइन?
करीब 8,000 वर्ग फुट में फैला यह विला चारों तरफ देवदार और हरियाली से घिरा हुआ है। डिजाइन करते वक्त कोशिश की गई कि घर की पुरानी पहचान बरकरार रहे, लेकिन सुविधाएं आधुनिक हों। बड़े-बड़े खिड़की-दरवाजे, लिविंग एरिया में पारंपरिक फायरप्लेस, लकड़ी की छत, और पत्थर की सजावट इसे पहाड़ी घर का असली एहसास देती हैं। गार्डन सुइट, किंग सुइट और अटिक सुइट जैसे अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं। स्काईलाइट डाइनिंग एरिया सर्दियों में भी रोशनी से भरा रहता है।
कितना है एक रात रुकने का किराया?
यह विला 1933 में बनाया गया था। छह बेडरूम वाले इस घर को पूरी तरह से नए अंदाज में सजाया गया है। इस बुटीक स्टे में रुकने के लिए एक रात का किराया करीब 1.2 लाख रुपये रखा गया है। हालांकि, अगर कोई सिंगल रूम कमरा बुक करना चाहे, तो सीजन के हिसाब से 15,000 से 25,000 रुपये प्रति रात के बीच कीमत तय की गई है।
घर जैसा अनुभव
इस प्रॉपर्टी को खास तौर पर परिवारों और छोटे ग्रुप्स के लिए तैयार किया गया है। यहां होटल जैसी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक निजी और अपनापन भरा अनुभव देने की कोशिश की गई है।