DDU-GKY 2.0 Goa: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ है और इसके माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाकर देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा रोजगार के लिए तैयार हैं और इस प्रकार की पहल यह सुनिश्चित करती है कि हर युवा को सही अवसर मिल सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि कोई भी युवा पीछे न छूटे और प्रत्येक योग्य युवा को आगे बढ़ने तथा सफलता प्राप्त करने का अवसर मिले।
प्लेसमेंट पार्टनर्स के साथ CM सावंत की अहम बैठक
मुख्यमंत्री मंगलवार को लोक भवन में आयोजित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत प्लेसमेंट पार्टनर्स एवं नियोक्ता बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गोवा के प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करना था। यह पहल कौशल विकास और रोजगार के बीच की खाई को पाटते हुए प्रशिक्षित उम्मीदवारों को संभावित नियोक्ताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जून तक 900 उम्मीदवार प्लेसमेंट के लिए तैयार
इस अवसर पर प्लेसमेंट पार्टनर्स, नियोक्ताओं और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया, जिससे रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिला। जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 तक 200 से अधिक उम्मीदवार अपने प्रशिक्षण को पूर्ण करेंगे, जबकि मई और जून 2026 तक 900 से अधिक उम्मीदवार प्लेसमेंट के लिए तैयार हो जाएंगे। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में कौशल विकास कार्यक्रम तेजी से प्रभावी हो रहे हैं।
कौशल विकास का हब बना गोवा
वर्तमान में गोवा के 12 प्रशिक्षण केंद्रों में 1,200 से अधिक युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो इस योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। भारत सरकार की प्रमुख योजना DDU-GKY 2.0 का गोवा में प्रभावी क्रियान्वयन राज्य को कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अग्रणी बना रहा है। यह कार्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने और नियोक्ताओं के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित कर सतत रोजगार के अवसर सृजित करने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि गोवा में एक सशक्त कौशल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है। राज्य के 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पारंपरिक तथा आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 509 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सतत आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है और महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक साबित हो रही है।कार्यक्रम में भारत सरकार के ग्रामीण विकास निदेशक Santosh Tiwari, सचिव (ग्रामीण विकास) Arjun Mohan, DDU-GKY के सीओओ Dipak Sonawane सहित वरिष्ठ अधिकारी, प्लेसमेंट पार्टनर्स, नियोक्ता और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।