गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में गोवा पुलिस को अहम सफलता मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने नाइटक्लब बर्च बाय रोमियो लेन के सह-मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली है। थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पण के बाद दोनों आरोपियों को आज कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। गोवा पुलिस ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी थी लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट ट्विंकल चावला ने दो दिन की अनुमति दी।
25 लोगों की मौत, आग ने खोली लापरवाही की परतें
छह दिसंबर को गोवा के इस नाइटक्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि क्लब में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया गया था, जिससे हादसा और भयावह हो गया। घटना के बाद दोनों सह-मालिकों पर गैर-इरादतन हत्या और गंभीर लापरवाही के आरोप दर्ज किए गए। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा इंतजामों में भारी चूक इस त्रासदी की बड़ी वजह बनी।
भागकर पहुंचे थे थाईलैंड
आग की घटना के कुछ ही घंटों बाद सात दिसंबर को गौरव और सौरभ लूथरा गोवा से फरार हो गए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक सौरभ और गौरव लूथरा ने थाईलैंड के लिए फ्लाइट टिकट उसी वक्त बुक किए थे, जब गोवा में फायर ब्रिगेड की टीमें आग बुझाने और लोगों को बचाने में जुटी थीं। सूत्रों के मुताबिक दोनों ने 6 दिसंबर की रात 1:17 बजे ऑनलाइन ट्रैवल वेबसाइट पर लॉग इन किया था और सुबह 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली से फुकेट रवाना हो गए थे।
इंटरपोल नोटिस के बाद गिरफ्तारी
इसके बाद उनके खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और पासपोर्ट रद्द कर दिए गए। भारत सरकार के अनुरोध पर 11 दिसंबर को थाईलैंड की एजेंसियों ने दोनों को हिरासत में लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया और दिल्ली पुलिस ने आज दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। अब गोवा पुलिस दोनों को गोवा ले जाकर विस्तृत पूछताछ और आगे की जांच करेगी।