संयुक्त राष्ट्र (UN) की आर्थिक हालत को लेकर बड़ी और चिंताजनक चेतावनी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि अगर हालात नहीं बदले, तो विश्व संस्था जल्द ही वित्तीय पतन के कगार पर पहुंच सकती है। गुटेरेस के मुताबिक, कई सदस्य देश अपने अनिवार्य योगदान का भुगतान समय पर नहीं कर रहे हैं और संगठन की पुरानी वित्तीय संरचना संकट को और गहरा कर रही है। इसी वजह से UN को रोजमर्रा के खर्च चलाने तक में दिक्कत हो रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ अस्थायी परेशानी नहीं, बल्कि एक गंभीर और तात्कालिक खतरा है।
193 सदस्य देशों लिखा पत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुटेरेस ने 193 सदस्य देशों को एक पत्र लिखकर चेताया है कि या तो सभी देश अपनी बकाया राशि पूरी और समय पर चुकाएं, या फिर UN के वित्तीय नियमों में बुनियादी सुधार किए जाएं। BBC और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट नियमों के चलते संस्था को बचत करने पर भी सजा मिलती है। दरअसल, UN को बिना खर्च हुई रकम हर साल सदस्य देशों को लौटानी पड़ती है, जिससे नकदी बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
अमेरिका की भूमिका पर खास जोर
गुटेरेस के अनुसार, 2025 के अंत तक UN की बकाया राशि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 1.57 अरब डॉलर हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन रिपोर्ट्स में अमेरिका की भूमिका पर खास जोर दिया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाद से UN की वित्तीय स्थिति और बिगड़ी है। BBC के अनुसार, अमेरिका ने 2025 में UN के नियमित बजट का कोई भुगतान नहीं किया और शांति मिशनों के लिए सिर्फ 30 पर्सेंट फंड ही दिया। इतना ही नहीं, अमेरिका WHO समेत कई UN एजेंसियों से बाहर निकल चुका है और अन्य संस्थाओं में भी कटौती की जा रही है।
कैश रिजर्व खत्म हो सकता है
फिलहाल अमेरिका UN के कोर बजट का 22 पर्सेंट देता है। जबकि चीन की हिस्सेदारी 20 पर्सेंट है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका पर पहले के वर्षों का करीब 1.4 अरब डॉलर बकाया है। वहीं, इस साल के लिए 767 मिलियन डॉलर अलग से देने हैं। इन हालात के बीच UN ने 2026 के लिए 3.45 अरब डॉलर का बजट मंजूर किया है, जो पिछले साल से 7 पर्सेंट कम है। बावजूद इसके, गुटेरेस ने चेताया है कि अगर भुगतान नहीं हुआ, तो जुलाई तक UN का कैश रिजर्व खत्म हो सकता है।