हमास मिस्र में होने वाले गाज़ा शांति समझौते के औपचारिक हस्ताक्षर कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में ये जानकारी साझा की गई।
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हुसाम बद्रान ने एएफपी से कहा, “औपचारिक हस्ताक्षर की प्रक्रिया में हम शामिल नहीं होंगे।” उन्होंने बताया कि हमास ने “मुख्य रूप से कतर और मिस्र के मध्यस्थों के माध्यम से” मिस्र में युद्धविराम वार्ता में भाग लिया।
बद्रान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस शांति योजना को “बेतुका” बताया जिसमें हमास सदस्यों से गाज़ा पट्टी छोड़ने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि यदि इज़राइल फिर से हमलों की शुरुआत करता है, तो हमास “आक्रामकता का जवाब देगा।”
उन्होंने कहा, “फिलिस्तीनियों को, चाहे वे हमास के सदस्य हों या नहीं, अपनी जमीन से निकालने की बात पूरी तरह से बेकार और निरर्थक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना में शामिल निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ने) का प्रस्ताव “किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने कहा, “हथियार सौंपने का प्रस्ताव पूरी तरह अस्वीकार्य है और इस पर कोई बातचीत नहीं हो सकती।”
यह बयान तब आया जब ट्रंप ने घोषणा की कि हमास सोमवार या मंगलवार से अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम के तहत इज़राइली बंधकों को रिहा करना शुरू करेगा। इस समझौते में उन लोगों के शवों की वापसी भी शामिल है जिनकी कैद में मौत हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि हमास के हथियार छोड़ने का मुद्दा गाज़ा शांति योजना के दूसरे चरण में उठाया जाएगा।
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