Henley Passport Index: 2026 की हेनली पासपोर्ट इंडेक्स रिपोर्ट भारत के लिए दिलचस्प नतीजे लेकर आई है। भारत की पासपोर्ट रैंकिंग 10 पायदान ऊपर चढ़कर 75वें स्थान पर पहुंच गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस सुधार के बावजूद भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब दो देशों में वीजा-फ्री एंट्री नहीं मिलेगी।
भारत की नई रैंकिंग
भारत 2026 में 75वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2025 में यह 85वें स्थान पर था। यानी 10 पायदान की छलांग। जनवरी 2026 में रैंक 80 थी, जो फरवरी में और सुधरी। लेकिन वीजा-फ्री एंट्री की संख्या 2025 में 57 थी, जो जनवरी 2026 में 55 और फरवरी 2026 में 56 रह गई। यानी एक सुधार हुआ, मगर 2025 के आंकड़े से अभी भी कम।
किन देशों की एंट्री गई हाथ से?
ईरान: नवंबर 2025 में वीजा-फ्री सुविधा बंद कर दी गई। वजह थी धोखाधड़ी और ट्रैफिकिंग के मामले, जिनमें भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी ऑफर देकर ईरान बुलाया गया और फिर किडनैप किया गया।
बोलीविया: पहले वीजा-ऑन-अराइवल मिलता था, लेकिन 2026 से ई-वीजा लागू कर दिया गया। अब पहले से ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है, इसलिए यह “वीजा-फ्री” कैटेगरी में नहीं आता।
एक देश जुड़ा: फरवरी 2026 तक एक देश फिर से भारत के वीजा-फ्री सूची में जुड़ गया- गाम्बिया। इसके शामिल होने से संख्या 55 से बढ़कर 56 हो गई। यह बढ़ोतरी पहले हुए नुकसान को थोड़ा कम करती है, लेकिन 2025 की कुल संख्या 57 तक अभी भी नहीं पहुंच पाई है।
Henley Passport Index क्या है?
Henley & Partners द्वारा जारी किया जाने वाला हेनली पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्ट को 227 डेस्टिनेशन के आधार पर रैंक करता है। इसमें वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) को शामिल किया जाता है। डेटा इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) से लिया जाता है।
जापान, दक्षिण कोरिया – 187 देश
यूरोप के कई देश – 185 देश
अमेरिका 179 देशों के साथ टॉप 10 में है।
भारतीय यात्रियों के लिए इसका मतलब क्या है?
रैंकिंग बढ़ने से भारतीयों को कई देशों में यात्रा आसान होगी। एशिया, अफ्रीका, कैरेबियन और ओशेनिया के कई देश अब भी भारतीयों के लिए आसान एंट्री देते हैं। कुल मिलाकर, यात्रा के विकल्प खुले हैं, लेकिन नियमों पर नजर रखना जरूरी है।