Henley Passport Index India vs Pakistan: दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग यानी Henley Passport Index 2025 आ चुकी है, और इसमें भारत की स्थिति पिछले साल के मुकाबले नीचे चली गई है। हर साल की तरह इस बार भी कई देशों की पासपोर्ट पावर में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है।
भारत की रैंक में गिरावट
इस साल भारत को 85वां स्थान मिला है। 2024 में भारत 80वें स्थान पर था और 62 देशों में वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा मिलती थी। अब यह संख्या घटकर 57 देशों तक सीमित रह गई है। भारत इस बार मॉरिटानिया के साथ 85वें पायदान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को जिन देशों में बिना वीजा यात्रा की अनुमति है, उनमें मलेशिया, मालदीव, थाईलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया और केन्या जैसे देश शामिल हैं।
आखिर से चौथे स्थान पर पाकिस्तान
वहीं पाकिस्तान का रैंक काफी नीचे गिर चुका है। अब पाकिस्तान 103वें स्थान पर है, जो कि आखिर से चौथे स्थान पर है। इस रैंकिंग के साथ अब पाकिस्तानी नागरिक सिर्फ 31 देशों में वीजा-फ्री जा सकते हैं। यह रैंक पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे आई है, क्योंकि तब पाकिस्तान 96वें स्थान पर था और 32 देशों में वीजा-फ्री एंट्री मिलती थी। अब पाकिस्तान से नीचे सिर्फ इराक (104वां, 29 देश), सीरिया (105वां, 26 देश) और अफगानिस्तान (106वां, 24 देश) जैसे देश ही बचे हैं।
वहीं बांग्लादेश 100वें, नेपाल 101वें, और भूटान 92वें पायदान पर हैं। श्रीलंका 98वें स्थान पर है, जहां से नागरिक 41 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। यह तुलना साफ दिखाती है कि भारत भले टॉप लिस्ट से दूर हो, लेकिन फिर भी अपने कई पड़ोसी देशों से आगे बना हुआ है।
सबसे ताकतवर पासपोर्ट कौन सा?
सिंगापुर एक बार फिर सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है, जिसके नागरिक 193 देशों में बिना वीजा जा सकते हैं। दूसरे स्थान पर साउथ कोरिया (190 देश) और तीसरे पर जापान (189 देश) हैं। जर्मनी, इटली, स्पेन, स्विट्जरलैंड जैसे यूरोपीय देशों के पासपोर्ट भी टॉप 5 में शामिल हैं।
कमजोर पासपोर्ट वाले देश
दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट अफगानिस्तान का है, जिसके नागरिक सिर्फ 24 देशों में बिना वीजा जा सकते हैं। इसके बाद सीरिया (26 देश) और इराक (29 देश) आते हैं।
आखिर क्या है Henley Passport Index?
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स हर साल दुनिया के पासपोर्ट्स को उनकी वीजा-फ्री एक्सेस के आधार पर रैंक करता है। इसे पहली बार 2005 में लॉन्च किया गया था और 2018 में इसका नाम बदलकर हेनली पासपोर्ट इंडेक्स कर दिया गया।