संसद के शीतकालीन सत्र के सातवें दिन आज लोकसभा में चुनाव सुधारों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर चर्चा हो रही है। चर्चा के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री के बयान के बीच में उन्हें रोकते हुए कहा कि SIR पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिबेट की चुनौती दी। इस पर अमित शाह ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि मैं 30 साल से विधानसभा और संसद में जनप्रतिनिधि के रूप में चुनकर आया हूं। मुझे संसदीय प्रणाली का लंबा अनुभव है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि पहले मेरी बात का आप जवाब दीजिए। आपकी मुंसिफी से संसद नहीं चलेगी। मेरे यहां बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। इस तरह से संसद नहीं चलेगी। इन्हें धैर्य रखना चाहिए। इनकी एक-एक बात का जवाब मैं दूंगा, लेकिन मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते। विपक्षी दलों ने विरोध में लोकसभा से अमित शाह के भाषण से करीब 10 मिनट पहले सदन से वॉकआउट किया।
मेरा भाषण मेरे क्रम से ही चलेगा- शाह
अमित शाह के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि ये डरा हुआ, घबराया हुआ रेस्पॉन्स है। सच्चा रेस्पॉन्स नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि मैंने आपके चेहरे पर चिंता की लकीरें देख ली हैं। मैं आपके उकसावे में नहीं आऊंगा। लेकिन मैं अपने क्रम में ही बोलूंगा। मेरा भाषण मेरे क्रम से ही चलेगा। लेकिन वे विपक्ष के नेता हैं तो उन्हें बोलने का अधिकार है। मैं समझ सकता हूं कि वो ऐसा क्यों बोल रहे हैं। लेकिन आपको हमारी भी सुननी चाहिए।
SIR मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ फैलाया गया और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया। उन्होंने सदन में, चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है। गृहमंत्री ने कहा कि मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा? शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
हारने का कारण आपका नेतृत्व है, EVM और मतदाता सूची नहीं
अमित शाह ने कहा कि आपको ऐसा लगता है कि आप सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं, लेकिन असल में आप पूरी दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि धूमिल कर रहे हैं। शाह ने कहा कि यह नयी परंपरा शुरू हुई है कि चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। अमित शाह ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ईवीएम की दलील गले नहीं उतरती तो अब वोट चोरी का मुद्दा लेकर आए। वोट चोरी का मुद्दा लेकर पूरे बिहार में यात्रा निकाली। फिर भी हार गए। हारने का कारण आपका नेतृत्व है, हारने का कारण ईवीएम और मतदाता सूची नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन इनका हिसाब मांगेंगे कि इतने चुनाव कैसे हार गए।