Iran-US ceasefire 2026: अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को गुजरने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका देश दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को गुजरने की अनुमति देगा, लेकिन भविष्य में इसे पूरी तरह से खोलने का कोई भी निर्णय अमेरिका के साथ शांति वार्ता के परिणामों पर निर्भर करेगा।
3,000 जहाज कर रहे इंतजार
चीन में ईरान के राजदूत अब्दुलरेजा रहमानी फजली ने यहां मीडिया को बताया कि 3,000 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ईरान दबाव कम करने और जहाजों को गुजरने देने के लिए कदम उठाएगा, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला जा सकेगा या नहीं, यह बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए पारगमन शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। फजली ने कहा कि तेहरान दुनिया के अन्य समुद्री मार्गों के लिए लगने वाले शुल्कों का संदर्भ लेगा, लेकिन अभी तक उसने कोई विस्तृत योजना तय नहीं की है।
दो जहाज गुजरे
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को बाद बुधवार को दो जहाजों ने जलडमरूमध्य को पार किया।समुद्री ट्रैकिंग फर्म 'मरीनट्रैफिक' ने बताया कि ग्रीक स्वामित्व वाले बल्क कैरियर 'एनजे अर्थ' ने दोपहर में और लाइबेरिया के झंडे वाले 'डेटोना बीच' ने उससे पहले इस जलमार्ग को पार किया।
बता दें कि सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही, ईरान और अरब देशों ने नए हमलों की सूचना दी। अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि हमलों से समझौता रद्द हो जाएगा या नहीं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने समझौते को ‘एक नाजुक युद्धविराम’ बताया। फिलहाल समझौते की शर्तों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ये भी पता नहीं है कि क्या इससे स्थायी शांति स्थापित हो सकती है, क्योंकि दोनों पक्षों ने शर्तों के संबंध में बिल्कुल अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं।
ईरान ने कहा कि इस समझौते से उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की नयी व्यवस्था को औपचारिक रूप देने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन समझौते की शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। ये भी ज्ञात नहीं है कि कोई अन्य देश इस शर्त पर सहमत है या नहीं।
इस युद्ध में मार्च के अंत तक ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके थे। हालांकि सरकार ने कई दिनों से युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है।लेबनान में, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के हमले में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इजराइल के भी 11 सैनिक मारे गए गए हैं।खाड़ी अरब देशों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 24 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल में 23 लोगों के मारे जाने की सूचना है तथा 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।