
Delhi School Admission: दिल्ली में नर्सरी एडमिशन का सीजन जैसे ही आता है, वैसे ही पेरेंट्स की तैयारी भी शुरू हो जाती है। इस बार 2026-27 के लिए दाखिले 4 दिसंबर से शुरू हो गए हैं और कई नियमों में कुछ बदलाव भी किया गया है। ऐसे में अगर आपका बच्चा नर्सरी, केजी या क्लास-1 में जाने वाला है, तो पूरी जानकारी पहले ही समझ लेना बेहद जरूरी है ताकि फॉर्म भरते समय कोई गलती न हो।
फॉर्म भरने की आखिरी तारीख
कैसे भरें एडमिशन फॉर्म?
रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?
क्या है एडमिशन का पॉइंट सिस्टम?
दिल्ली में नर्सरी एडमिशन का तरीका पॉइंट सिस्टम और लॉटरी पर आधारित है। कुल 100 अंकों का ब्रेकअप होता है, जिसमें दूरी, भाई‑बहन पहले से पढ़ रहे हों या एलुमनी जैसी कैटेगरी के हिसाब से अलग‑अलग नंबर मिलते हैं। अगर आवेदन ज्यादा हों तो लॉटरी से चयन होता है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाती है। स्कूल अपनी वेबसाइट पर यह 100 अंकों का चार्ट डालते हैं, जिससे पेरेंट्स आसानी से देख सकते हैं कि उन्हें कितने पॉइंट्स मिल रहे हैं।
एडमिशन के चांस किसके पास ज्यादा?
सबसे पहले देखा जाता है कि स्कूल आपके घर से कितनी दूरी पर है। इसके लिए 30 से 70 नंबर मिलते हैं। अगर बच्चे का भाई या बहन पहले से उसी स्कूल में पढ़ रहा है तो 15 से 40 नंबर तक जुड़ जाते हैं। जिन पेरेंट्स ने खुद उसी स्कूल से पढ़ाई की है, उन्हें भी 10 से 40 नंबर का फायदा मिलता है। सरकारी नौकरी में ट्रांसफर हुआ हो तो फॉर्म में जानकारी देने पर एक्स्ट्रा पॉइंट्स मिलते हैं। इसके अलावा सिंगल पेरेंट, गर्ल चाइल्ड और कुछ खास कैटेगरी को भी अलग से अंक दिए जाते हैं।
EWS कैटेगरी में किसे मिलता है एडमिशन?
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में हर साल की तरह इस बार भी EWS कैटेगरी के लिए सीटें आरक्षित हैं। जिन परिवारों की सालाना आय 5 लाख रुपये या उससे कम है, वे इस कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इसके लिए आपको edudel.nic.in पर जाना होगा। कुल सीटों में से 25% सीटें EWS, वंचित समूह (DG) और स्पेशल कैटेगरी (CWSN) के बच्चों के लिए तय रहती हैं।
बच्चे की उम्र कितनी होनी चाहिए?
नर्सरी: 3–4 साल (जन्म 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच)
केजी: 4–5 साल
क्लास-1: 5–6 साल
उम्र में किसी तरह की छूट नहीं दी जाती, स्कूल भी नियम में बदलाव नहीं कर सकते।
कैसे चुनें सही स्कूल?
सबसे पहले अपने घर से 0–8 किमी की रेंज में आने वाले स्कूलों की लिस्ट बनाएं।
कम से कम 10 स्कूलों में फॉर्म भरने की कोशिश करें, इससे एडमिशन मिलने की संभावना बढ़ती है।
डॉक्यूमेंट्स
एड्रेस प्रूफ के लिए—आधार कार्ड, बिजली/फोन बिल, पासपोर्ट, वोटर आईडी, रेंट एग्रीमेंट चलेगा।
आईडी प्रूफ के लिए—आधार, पैन, पासपोर्ट या वोटर कार्ड दिया जा सकता है।
कैटेगरी के आधार पर—ट्रांसफर ऑर्डर, पुराना स्कूल सर्टिफिकेट, डेथ/डिवोर्स सर्टिफिकेट आदि भी देने पड़ेंगे।
दिल्ली में नर्सरी एडमिशन का प्रोसेस थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन अगर सारी जानकारी पहले से हो तो पूरा काम आराम से हो जाता है। सही स्कूल चुनना, सही समय पर फॉर्म भरना और डॉक्यूमेंट्स तैयार रखना इन सब बातों का ध्यान रखें तो आपके बच्चे का एडमिशन बिना किसी झंझट के हो जाएगा।
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