
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बात पर अड़ गए और जोरदार हंगामा हो गया। इतना कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल को झिड़की दे दी। सदन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है। इसी मौके पर राहुल गांधी को अपनी बात रखनी थी। राहुल ने अपने भाषण में पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की एक कथित पुस्तक से कुछ पंक्तियां पढ़ने जा रहे थे, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह कहकर आपत्ति जताई कि यह पुस्तक तो प्रकाशित ही नहीं हुई है।
राहुल गांधी अप्रकाशित पुस्तक को कोट करने पर अड़ गए। पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक होने लगी। केरल के अलाप्पुझा से कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी की तरफ से दलीलें देने लगे। सत्ता पक्ष से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आसन से गुहार लगाई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को बार-बार बताया कि वह किसी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला नहीं दे सकते।
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उनका इस पुस्तक को कोट करने का इरादा नहीं था, लेकिन जब सत्ता पक्ष से तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रप्रेम पर सवाल उठाया तो उन्हें जवाब देना होगा। राहुल गांधी भारत-चीन सीमा विवाद के हवाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर सवाल उठाना चाह रहे थे। वह बार-बार कह रहे थे कि नरवणे की पुस्तक में राजनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी के चरित्र का जिक्र है।
इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को बार-बार टोककर नियमों का हवाला दिया, लेकिन राहुल भी अड़े रहे। फिर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि आसन ही बता दे उन्हें क्या बोलना है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल को झिड़क दिया। स्पीकर ओम बिरला ने दोटूक कहा, 'मैं आपका सलाहकार नहीं हूं।'
इतना कहकर बिरला ने राहुल गांधी को फिर से नियम बताया। लेकिन राहुल नहीं माने तो स्पीकर ने राहुल से कहा कि लगता है आप तय करके आए हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बात ही नहीं करनी है तो मैं अब अगले वक्ता अखिलेश यादव को बुलाऊंगा। स्पीकर ने राहुल से कहा, 'आप लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं।'
थोड़ी देर बाद स्पीकर ने अखिलेश यादव से बोलने को कहा भी लेकिन अखिलेश नहीं उठे और हंगामा होता रहा। हंगामा नहीं रुकता देख स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दरअसल, बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए 2004 से 2014 के यूपीए शासन के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषणों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी अभिभाषण में राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति की चर्चा नहीं हुई। राहुल गांधी इसी से जवाब में एक अप्रकाशित पुस्तक की आड़ लेकर पीए मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ के चरित्र पर सवाल उठाना चाह रहे थे। करीब 50 मिनट तक चले खींचतान के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे।
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