IDFC First Bank Fraud Case: IDFC बैंक में ₹590 करोड़ का फ्रॉड! कैसे हुआ इतना बड़ा स्कैम, आपके पैसे सुरक्षित हैं या नहीं?

IDFC First Bank Fraud Case: IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें बैंक के 4 कर्मचारियों पर हरियाणा सरकार के खातों से हेराफेरी का शक है। बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। 

Priya Shandilya
अपडेटेड22 Feb 2026, 12:18 PM IST
IDFC First Bank Fraud Case:  <span class='webrupee'>₹</span>590 करोड़ का खेल, जांच के घेरे में कर्मचारी
IDFC First Bank Fraud Case: ₹590 करोड़ का खेल, जांच के घेरे में कर्मचारी

IDFC First Bank Fraud Case: बैंकिंग सेक्टर से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। जब हम अपना पैसा बैंक में रखते हैं, तो हमें लगता है कि वह सबसे सुरक्षित जगह है, लेकिन जब बैंक के अंदर के लोग ही सेंधमारी करने लगें, तो भरोसा डगमगाने लगता है। IDFC First Bank के चंडीगढ़ ब्रांच में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां करीब 590 करोड़ के हेर-फेर का अंदेशा है। यह कोई छोटा-मोटा फ्रॉड नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी खातों को निशाना बनाया गया है।

धोखाधड़ी का पता कैसे चला?

यह पूरा मामला तब रोशनी में आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना अकाउंट बंद करने और पैसा दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की अर्जी दी। बैंक ने जब कागजात चेक किए, तो उनके होश उड़ गए। सरकार के रिकॉर्ड में जो बैलेंस दिख रहा था और बैंक के सिस्टम में जो बैलेंस था, उन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क था।

इसके बाद 18 फरवरी से जांच का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे हरियाणा सरकार की कुछ और यूनिट्स ने भी अपने खातों की जानकारी मांगी, तो वहां भी वही कहानी निकली, अकाउंट का बैलेंस गायब था। 21 फरवरी को बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि शुरुआती जांच में यह आंकड़ा 590 करोड़ तक पहुंच गया है।

बैंक के कर्मचारियों ने ही रची साजिश

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले के तार बैंक के अंदर से ही जुड़े हैं। चंडीगढ़ ब्रांच के चार कर्मचारियों पर इस फ्रॉड में शामिल होने का शक है। बैंक का मानना है कि इन कर्मचारियों ने बाहरी लोगों या संस्थाओं के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है।

राहत की बात यह है कि बैंक ने साफ किया है कि यह गड़बड़ी सिर्फ हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास अकाउंट्स तक ही सीमित है। चंडीगढ़ ब्रांच के आम ग्राहकों या दूसरे शहरों के ग्राहकों के पैसों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, यह खेल कब से चल रहा था, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।

बैंक का तगड़ा एक्शन: सस्पेंशन से लेकर पुलिस केस तक

जैसे ही इस 590 करोड़ के घोटाले की भनक लगी, IDFC First Bank ने बिना वक्त गंवाए कड़े कदम उठाए हैं:

  • सस्पेंशन की कार्रवाई: रिपोर्ट के मुताबिक, जांच पूरी होने तक चार संदिग्ध अधिकारियों को सस्पेंड करने की प्रक्रिया (Pending Investigation) पर विचार किया जा रहा है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
  • पुलिस कंप्लेंट: बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने का वादा किया है।
  • फॉरेंसिक ऑडिट: मामले की तह तक जाने के लिए एक बाहरी इंडिपेंडेंट एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराने की तैयारी है।
  • फंड फ्रीज की कोशिश: बैंक ने उन अन्य बैंकों को भी सूचित किया है जहां यह पैसा ट्रांसफर हुआ हो सकता है, ताकि संदिग्ध खातों को 'लीयन मार्क' (Lien Mark) यानी फ्रीज किया जा सके।

20 और 21 फरवरी को बैंक की बोर्ड मीटिंग्स और ऑडिट कमेटी की बैठकों में इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।

क्या आपका पैसा सुरक्षित है?

फिलहाल बैंक इस नुकसान का सही आंकड़ा जुटाने में लगा है। रिकवरी कितनी होगी और बीमा से कितना पैसा वापस आएगा, यह देखने वाली बात होगी। बैंकिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे फ्रॉड से बैंक की इमेज पर असर पड़ता है, लेकिन बैंक के मजबूत सिस्टम की वजह से आम ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है।

हरियाणा सरकार के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि यह उनके फंड्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में इंडिपेंडेंट ऑडिट से ही साफ हो पाएगा कि यह 590 करोड़ की सेंधमारी कितनी गहरी है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमन्यूज़IDFC First Bank Fraud Case: IDFC बैंक में ₹590 करोड़ का फ्रॉड! कैसे हुआ इतना बड़ा स्कैम, आपके पैसे सुरक्षित हैं या नहीं?
More