यह तो खुली धमकी है… न्यायपालिका पर चोट बर्दाश्त नहीं, जस्टिस स्वामीनाथन के समर्थन में 56 पूर्व जज एकजुट

जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की कोशिश पर देश के 56 पूर्व जजों ने कड़ा विरोध जताया है। खुले पत्र में उन्होंने इसे स्वतंत्र विचार रखने वाले जजों को धमकाने की कोशिश बताया और न्यायपालिका की स्वायत्तता के लिए गंभीर खतरा करार दिया।    

Rishabh Shukla
अपडेटेड12 Dec 2025, 05:48 PM IST
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन

मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने की कोशिश पर देश के 56 पूर्व जजों ने कड़ा ऐतराज जताया है। पूर्व जजों की ओर से जारी खुले पत्र में कहा गया कि यह कदम उन स्वतंत्र विचारधारा वाले जजों को डराने का प्रयास है, जो किसी राजनीतिक या वैचारिक दबाव में काम नहीं करते। पूर्व जजों ने कहा कि ऐसे प्रयास न्यायपालिका की स्वायत्तता को चोट पहुंचाते हैं, साथ ही लोकतांत्रिक ढांचे को भी खतरे में डालते हैं।

न्यायिक स्वतंत्रता से समझौता नहीं, समाज से अपील

पूर्व जजों ने सांसदों, वकीलों, सिविल सोसायटी और नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रस्ताव को खारिज कर दें। पत्र में कहा गया कि अदालतों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक या वैचारिक दबाव लोकतंत्र के लिए हानिकारक है और न्यायिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। पूर्व न्यायाधीशों का कहना है कि न्यायपालिका की स्वायत्तता और अखंडता बिना किसी दबाव के कायम रहनी चाहिए।

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आपातकाल का हवाले से न्यायपालिका पर दबाव की पुरानी यादें

बयान में आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उस दौर में भी ऐसे जजों को प्रताड़ित किया गया था, जिन्होंने सत्ता के खिलाफ असहमति जताई थी। एडीएम जबलपुर केस में असहमति जताने पर जस्टिस एचआर खन्ना को दरकिनार किए जाने का उल्लेख करते हुए पूर्व जजों ने कहा कि न्यायपालिका कठिन परिस्थितियों में भी स्वतंत्र और निष्पक्ष खड़ी रही थी। लेकिन मौजूदा प्रयास फिर उन्हीं गलतियों को दोहराने की चेतावनी देते हैं।

पत्र में कई दिग्गज पूर्व जजों के हस्ताक्षर

खुले पत्र पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आदर्श गोयल, हेमंत गुप्ता सहित कई हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीशअनिल देव सिंह, नरसिम्हा रेड्डी ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा एसएन ढींगरा, आरके गौबा और विनोद गोयल जैसे वरिष्ठ पूर्व जज भी इस सूची में शामिल हैं। इन सभी ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे प्रयास जारी रहे तो न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और लोकतांत्रिक प्रणाली खतरे में पड़ सकती है।

क्र.सं.नामविवरण
1न्यायमूर्ति आदर्श गोयलपूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट)
2न्यायमूर्ति हेमंत गुप्तापूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट)
3न्यायमूर्ति अनिल देव सिंहपूर्व मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय
4न्यायमूर्ति नरसिम्हा रेड्डीपूर्व मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय
5न्यायमूर्ति पी.बी. बजंथरीपूर्व मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय
6न्यायमूर्ति सुब्रो कमल मुखर्जीपूर्व मुख्य न्यायाधीश, कर्नाटक उच्च न्यायालय
7न्यायमूर्ति परमोद कोहलीपूर्व मुख्य न्यायाधीश, सिक्किम उच्च न्यायालय और अध्यक्ष कैट (CAT)
8न्यायमूर्ति एस.एम. सोनीगुजरात
9न्यायमूर्ति विष्णु एस. कोकजेपूर्व न्यायाधीश, म.प्र. और राजस्थान उच्च न्यायालय
10न्यायमूर्ति अंबादास जोशीपूर्व न्यायाधीश, मुंबई उच्च न्यायालय और लोकायुक्त, गोवा राज्य
11न्यायमूर्ति आर. सुब्रमण्यमपूर्व न्यायाधीश, मद्रास उच्च न्यायालय
12न्यायमूर्ति शिवाग्ननमपूर्व न्यायाधीश, मद्रास उच्च न्यायालय
13न्यायमूर्ति टी. सुदानाथिरामपूर्व न्यायाधीश, मद्रास उच्च न्यायालय
14न्यायमूर्ति एस.एन. ढींगरापूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय
15न्यायमूर्ति आर.के. गाबापूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय
16न्यायमूर्ति विनोद गोयलपूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय
17न्यायमूर्ति जे.आर.सी. चोपड़ापूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय
18न्यायमूर्ति विद्या भूषण गुप्तापूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय
19न्यायमूर्ति रमेश कुमार मेरथियापूर्व न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय
20न्यायमूर्ति नवल किशोर अग्रवालपूर्व न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय
21न्यायमूर्ति करम चंद पुरीपूर्व न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
22न्यायमूर्ति जसबीर सिंहपूर्व न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
23न्यायमूर्ति एच.एस. भल्लापूर्व न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
24न्यायमूर्ति एस.एन. अग्रवालपूर्व न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
25न्यायमूर्ति दर्शन सिंहपूर्व न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
26न्यायमूर्ति आर.एस. राठौड़पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय और सदस्य, एनजीटी (NGT)
27न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार अग्रवालपूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय
28न्यायमूर्ति राकेश सक्सेनापूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय
29न्यायमूर्ति के.के. त्रिवेदीपूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय
30न्यायमूर्ति एच.पी. सिंहपूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय
31न्यायमूर्ति डी.के. पालीवालपूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय
32न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्तापूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय
33न्यायमूर्ति डॉ. शिव शंकर रावपूर्व न्यायाधीश, तेलंगाना उच्च न्यायालय
34न्यायमूर्ति कामलेश्वर नाथपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
35न्यायमूर्ति डी.के. सेठपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद और कोलकाता उच्च न्यायालय
36न्यायमूर्ति राजेश कुमारपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
37न्यायमूर्ति सुरेंद्र विक्रम सिंह राठौरपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
38न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मीपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
39न्यायमूर्ति एस.के. त्रिपाठीपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
40न्यायमूर्ति डी.के. अरोड़ापूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
41न्यायमूर्ति राजेंद्र बादामीकरपूर्व न्यायाधीश, कर्नाटक उच्च न्यायालय
42न्यायमूर्ति श्रीनिवास हरीश कुमारपूर्व न्यायाधीश, कर्नाटक उच्च न्यायालय
43न्यायमूर्ति ए.वी. चंद्र शेखरपूर्व न्यायाधीश, कर्नाटक उच्च न्यायालय
44न्यायमूर्ति पी. कृष्णा भटपूर्व न्यायाधीश, कर्नाटक उच्च न्यायालय
45न्यायमूर्ति विनीत कोठारीपूर्व न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय
46न्यायमूर्ति रविकुमार रामेश्वरदयाल त्रिपाठीपूर्व न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय
47न्यायमूर्ति के.ए. पुजपूर्व न्यायाधीश, गुजरात उच्च न्यायालय
48न्यायमूर्ति पी.एन. रविंद्रनपूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय
49न्यायमूर्ति एम.आर. हरिहरन नायरपूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय
50न्यायमूर्ति वी. चितंबरेशपूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय
51न्यायमूर्ति ए.वी. रामकृष्णपूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय
52न्यायमूर्ति एन.के. बालकृष्णनपूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय
53न्यायमूर्ति सुभाष चंदपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद और उत्तराखंड उच्च न्यायालय
54न्यायमूर्ति लोकपाल सिंहपूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड उच्च न्यायालय
55न्यायमूर्ति विवेक शर्मापूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड उच्च न्यायालय
56न्यायमूर्ति राजीव लोचनपूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय

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