Census 2027 Explained: आज से शुरू हो रही है देश की पहली डिजिटल जनगणना, घर बैठे खुद भरें अपनी डिटेल्स

India Census 2027 : भारत की 16वीं जनगणना 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रही है। डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना 2027 में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा मिलेगी। 

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड1 Apr 2026, 06:07 AM IST
1 अप्रैल, 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू। (एआई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)
1 अप्रैल, 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू। (एआई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)(Nano Banana)

Census 2027 : भारत में दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होने जा रही है। पूरी तरह डिजिटल प्रॉसेस से होने वाली जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। जनणगना 2027 का पहला चरण बुधवार, 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। यह जनगणना कई पहलुओं से पिछली सभी जनगणनाओं से विशेष है। इस बार भारत के सभी निवासी खुद से ही अपनी गणना करेंगे जिसे स्व-गणना या सेल्फ एन्युमरेशन कहा गया है। इसी प्रक्रिया से चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना की शुरुआत हो जाएगी।

दो फेज में पूरी होगी जनगणना

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 'हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस' (HLO) का होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण 'पॉपुलेशन एन्युमरेशन' यानी जनसंख्या की गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।

पहली बार 'स्व-गणना' की सुविधा

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत 'सेल्फ एन्युमरेशन' है। इसका मतलब है कि लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। भारत के निवासी अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने के लिए 15 दिनों का समय पाएंगे, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले होगा ।

नारायण ने बताया, 'सेल्फ एन्युमरेशन एक अतिरिक्त सुविधा है जो उत्तरदाताओं को अपनी सुविधानुसार जानकारी भरने की फ्लेक्सिबिलिटी देती है।' इसके लिए आपको मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा और जानकारी भरने के बाद मिले सेल्फ एन्युमरेशन आईडी (SE ID) को बाद में आने वाले कर्मचारी (एन्युमरेटर) को दिखाना होगा।

सेल्फ एन्युमरेशन कैसे करें? स्टेप बाय स्टेप गाइड

  • एसई पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाएं
  • यहां मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें
  • मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें
  • परिवार का विवरण भरें
  • जानकारी सबमिट करें
  • SE ID प्राप्त करें
  • एन्युमरेटर को SE ID दें

पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित होगा डेटा

सरकार ने इस महा-अभियान के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। जनगणना में तैनात 31 लाख से ज्यादा कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे और उसे सीधे सबमिट करेंगे। डेटा की सुरक्षा के लिए पुख्ता नियम बनाए गए हैं ताकि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी सुरक्षित रहे।

जाति गणना और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

दूसरे चरण यानी पॉपुलेशन एन्युमरेशन के दौरान पहली बार जाति की गणना भी की जाएगी, जैसा कि सीसीपीए ने तय किया है। इस दौरान लोगों की शिक्षा, पलायन, प्रजनन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। वहीं पहले चरण में घर की स्थिति, वहां मौजूद सुविधाओं और संपत्तियों का डेटा लिया जाएगा।

किस प्रदेश में कब से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण, देखिए लिस्ट

1 अप्रैल से 15 मई, 2026: अंडमान निकोबार, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम।

1 मई से 30 मई, 2026: मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और चंडीगढ़।

अन्य राज्य: उत्तर प्रदेश (22 मई), बिहार (2 मई), पश्चिम बंगाल (तारीख तय होना बाकी)।

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश (State/UT)सेल्फ-एन्युमरेशन की अवधिघर-घर जाकर डेटा जुटाने की अवधि
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, और दिल्ली (NDMC और दिल्ली कैंट)1 अप्रैल से 15 अप्रैल 202616 अप्रैल से 15 मई 2026
गुजरात*, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव5 अप्रैल से 19 अप्रैल 202620 अप्रैल से 19 मई 2026
उत्तराखंड10 अप्रैल से 24 अप्रैल 202625 अप्रैल से 24 मई 2026
मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा16 अप्रैल से 30 अप्रैल 20261 मई से 30 मई 2026
बिहार17 अप्रैल से 1 मई 20262 मई से 31 मई 2026
तेलंगाना26 अप्रैल से 10 मई 202611 मई से 9 जून 2026
पंजाब30 अप्रैल से 14 मई 202615 मई से 13 जून 2026
महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड** और दिल्ली (MCD)1 मई से 15 मई 202616 मई से 14 जून 2026
उत्तर प्रदेश7 मई से 21 मई 202622 मई से 20 जून 2026
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी17 मई से 31 मई 20261 जून से 30 जून 2026
हिमाचल प्रदेश1 जून से 15 जून 202616 जून से 15 जुलाई 2026
केरल और नागालैंड16 जून से 30 जून 20261 जुलाई से 30 जुलाई 2026
तमिलनाडु और त्रिपुरा17 जुलाई से 31 जुलाई 20261 अगस्त से 30 अगस्त 2026
असम2 अगस्त से 16 अगस्त 202617 अगस्त से 15 सितंबर 2026
मणिपुर17 अगस्त से 31 अगस्त 20261 सितंबर से 30 सितंबर 2026
पश्चिम बंगालजल्द तय होगाजल्द तय होगा

सेंसस एक्ट 1948 और सेंसस रूल 1990 से संचालित होती है जनगणना

भारत में जनगणना एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसे गृह मंत्रालय के तहत महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय संचालित करता है। जनगणना कानून, 1948 और सरकार को जनगणना करने की शक्ति देता है और नागरिकों के लिए सही जानकारी देना अनिवार्य बनाता है। वहीं, जनगणना नियम, 1990 के तहत जनगणना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए समय-समय पर संशोधित नियमों का पालन किया जाता है। ये नियम डेटा कलेक्शन की प्रक्रिया और अधिकारियों की नियुक्तियों को स्पष्ट करते हैं।

इस बार जनगणना करवाने में क्यों हुई इतनी देरी?

जनगणना 2027 भारत की आजादी के बाद की 8वीं और श्रृंखला में कुल 16वीं जनगणना होगी। सरकार ने 16 जून, 2025 को जनगणना 2027 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। भारत की पिछली जनगणना 2011 में की गई थी। आमतौर पर जनगणना हर 10 वर्ष में होती है, लेकिन इस बार छह साल की देरी से यह प्रक्रिया हो रही है।

इस देरी का एक मुख्य कारण पूरी व्यवस्था को पेपर से बदलकर 'डिजिटल' करना भी है। पहली बार एन्युमरेटर मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे और जनता को खुद विवरण भरने (सेल्फ एन्युमरेशन) की सुविधा दी गई है। जनगणना की तैयारी के लिए सभी प्रशासनिक इकाइयों को 1 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक के लिए 'फ्रीज' कर दिया गया है। इस बार जाति गणना को भी दूसरे चरण में शामिल किया गया है, जिसके लिए सीसीपीए (CCPA) द्वारा निर्णय लिया गया है।

जनगणना 2027 से जुड़ी प्रमुख बातें

  • केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय (आउटले) मंजूर किया है।
  • इस पूरे अभियान में 31 लाख से अधिक एन्युमरेटर और सुपरवाइजर शामिल होंगे।
  • यह जनगणना 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, 7,092 उप-जिलों और लगभग 6,39,902 गांवों में आयोजित की जाएगी।
  • जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 को रात 00:00 बजे तय की गई है।
  • लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए यह संदर्भ तिथि 1 अक्तूबर, 2026 होगी।
  • झारखंड के लिए अभी जनगणना करने के इरादे की अधिसूचना जारी हुई है, सटीक अवधि की अधिसूचना आनी बाकी है।
  • गुजरात के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है।

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