
जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप के कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हुए 2021 की चैंपियन अर्जेंटीना को 4-2 से हरा दिया। तीन क्वार्टर तक 0-2 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने आखिरी 11 मिनट में चार गोल दागकर मुकाबले का रुख पूरी तरह पलट दिया। इस जीत के साथ भारत ने नौ साल बाद जूनियर हॉकी विश्व कप में पदक हासिल किया। इससे पहले भारत ने 2016 के बाद कोई पदक नहीं जीता था और पिछले दो संस्करणों में कांस्य मुकाबला हारकर चौथे स्थान पर रहा था।
भारत की ओर से अंकित पाल (49वां मिनट), मनमीत सिंह (52वां), शारदानंद तिवारी (57वां) और अनमोल इक्का (58वां) ने गोल किए। अर्जेंटीना के लिए निकोलस रौद्रिगेज (5वां) और सैंटियागो फर्नांडिस (44वां) ने गोल दागे। 49वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर अंकित ने भारत का खाता खोला, जिसके बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास साफ झलकने लगा। 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से भारत ने बराबरी हासिल की और मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया।
57वें मिनट में मिले अहम पेनल्टी स्ट्रोक को शारदानंद तिवारी ने गोल में बदलकर भारत को पहली बार बढ़त दिलाई। इसके अगले ही मिनट अर्जेंटीना को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने शानदार बचाव कर भारत की बढ़त बरकरार रखी। 58वें मिनट में अनमोल इक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की जीत पक्की कर दी।
मैच की शुरुआत भारत के लिए बेहद कठिन रही। पहले ही क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल गंवाने के बाद टीम दबाव में दिखी। पहले हाफ में कई मौके बनाने के बावजूद भारतीय फॉरवर्ड गोल नहीं दाग सके। तीसरे क्वार्टर के अंत में अर्जेंटीना ने दूसरा गोल कर बढ़त मजबूत कर ली थी लेकिन आखिरी क्वार्टर में भारतीय टीम ने जोरदार पलटवार करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
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