केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का मकसद भारत के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और कश्मीर में विकास व पर्यटन के नए दौर को पटरी से उतारना था। शाह ने कहा कि सटीक और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेनाओं ने तीनों आतंकवादियों को मार गिराया और इस कार्रवाई के जरिए पाकिस्तान को भी सख्त संदेश दिया गया कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर और महादेव से आतंकियों पर दोहरी कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें दो स्तरों पर निर्णायक कार्रवाई की गई। ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी हमले की योजना बनाने वालों को सजा दी गई, जबकि ऑपरेशन महादेव के जरिए उन आतंकवादियों को मार गिराया गया जिन्होंने हथियारों की आपूर्ति कर इस हमले को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि यह रणनीति दर्शाती है कि भारत अब केवल हमलावरों ही नहीं, बल्कि पूरी आतंकी इकोसिस्टम को निशाना बना रहा है।
समान एटीएस ढांचा, आतंकवाद से लड़ाई में बड़ी पहल
नई दिल्ली में एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस-2025 का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि एनआईए ने पूरे देश में एक समान एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) संरचना विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। इसे राज्यों की पुलिस को भेज दिया गया है। अमित शाह ने कहा कि जब देशभर में एक समान एटीएस ढांचा लागू होता है, तो हर स्तर पर तैयारी मजबूत होती है और आतंकवाद से निपटने में एकरूपता आती है।
हाइब्रिड आतंकवाद से निपटने के लिए राष्ट्रीय ग्रिड जरूरी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साइबर और सूचना युद्ध, आर्थिक नेटवर्क के दुरुपयोग और आतंकवाद के हाइब्रिड स्वरूप से निपटने के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय ग्रिड जैसी प्रणाली विकसित करनी होगी। उन्होंने जोर दिया कि जांच, अभियोजन और जवाबी कार्रवाई तीनों स्तरों पर परिचालन एकरूपता बेहद जरूरी है। बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल और कठोर दृष्टिकोण ही आने वाले समय में देश को सुरक्षित रख सकते हैं।