
पिछले कुछ दिनों से इंडिगो की कई उड़ानें रद्द होने और लेट होने से यात्री काफी परेशान हो गए हैं। खासकर बड़े शहरों में इसकी वजह से हजारों यात्रियों की ट्रैवल प्लानिंग बिगड़ गई। ऐसे हालात को देखते हुए रेलवे ने तुरंत कदम उठाया और अब अलग-अलग रूट पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि लोग फंसे न रहें और वे जल्द से जल्द अपनी मंजिल तक पहुंच सके।
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि पूरे भारत में 89 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, और जरूरत पड़े तो इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है। इन ट्रेनों के कुल 100 फेरों की व्यवस्था सबसे कम समय में की गई है।
रेलवे ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना और हावड़ा जैसे बड़े शहरों में यात्रियों के लोड का एनालिसिस करने के बाद ये प्लान बनाया है।
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा कि हालात की जरूरत के हिसाब से स्पेशल ट्रेनों की संख्या और फेरे बढ़ाए जा सकते हैं। सभी जोन को कहा गया है कि उपलब्ध स्टाफ और डिब्बों का पूरी तरह इस्तेमाल कर ट्रेनों का सुरक्षित संचालन किया जाए, ताकि उड़ानें रद्द होने के कारण परेशान यात्रियों को राहत मिले।
अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों को इन स्पेशल ट्रेनों के बारे में बताने के लिए कई डिवीजन एयरपोर्ट पर भी सूचना दे रहे हैं। कुछ जोन ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को बोर्ड पर जानकारी प्रदर्शित करने के लिए कहा है।
पश्चिम रेलवे मुंबई सेंट्रल-दिल्ली, मुंबई सेंट्रल-भिवानी, मुंबई सेंट्रल-शकूरबस्ती, बांद्रा-दुर्गापुरा, वलसाड-बिलासपुर, साबरमती-दिल्ली और दिल्ली सराय रोहिल्ला रूट पर स्पेशल ट्रेनें चला रहा है।
दक्षिण मध्य रेलवे बेंगलुरु-चेन्नई, बेंगलुरु-पुणे, यशवंतपुर-हजरत निजामुद्दीन, शालीमार-येलहंका, एकुलम-येलहंका जैसे ज्यादा भीड़ वाले रूट कवर करेगी।
मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे ने भी 14 और 10 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।
लगातार 5 दिन से इंडिगो की फ्लाइट सर्विस गंभीर रूप से प्रभावित है। हजारों यात्री फंस गए हैं, क्योंकि उड़ानें या तो रद्द हो रही हैं या घंटों लेट हो रही हैं। ऐसे में रेलवे की ये स्पेशल सर्विस कई लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन संख्याओं की समीक्षा की जा रही है। अन्य जोन ने भी विशेष रेलगाड़ियों के बारे में अधिसूचनाएं और उनकी समयसारणी जारी की हैं।
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