
Indigo Crisis 2025: इंडिगो संकट मामले में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त कदम उठाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टर (FOI) को बर्खास्त कर दिया है। 11 दिसंबर को जारी आदेश में साफ कहा गया कि ये अधिकारी तत्काल प्रभाव से DGCA की सेवा से मुक्त कर दिए गए हैं और अपने मूल संगठनों में वापस भेजे जाएंगे।
बर्खास्त किए गए अधिकारियों में कंसल्टेंट (डिप्टी चीफ एफओआई) ऋषिराज चटर्जी, सीनियर एफओआई सीमा झमनानी, कंसल्टेंट (एफओआई) अनिल कुमार पोखरियाल और कंसल्टेंट (एफओआई) प्रियम कौशिक शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों की संख्या में इंडिगो की उड़ानें रद्द की गईं जिससे लोगों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ा है। इसका असर अब तक देखा जा रहा है क्योंकि सरकार के दूरी के हिसाब से अधिकतम हवाई किराया तय करने के बाद भी टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं। सबसे बुरा हाल 05 दिसंबर को रहा जब इंडिगो की 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं।
सरकार ने इस संकट की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति बनायी है। इसके अलावा, इंडिगो को अपने विंटर शिड्यूल की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया गया है।
दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द करके लाखों यात्रियों की परेशानी का सबब बनी विमान सेवा कंपनी इंडिगो की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं - उसे केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) से जुड़े एक मामले में 58.75 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है।इंडिगो ने शुक्रवार को शेयर बाजार को बताया कि उसे कर विभाग के दक्षिणी दिल्ली कमीशनरेट के अतिरिक्त सीजीएसटी आयुक्त से गुरुवार 11 दिसंबर को यह नोटिस प्राप्त हुआ है।
नोटिस में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए एयरलाइंस से 58 करोड़ 74 लाख 99 हजार 439 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा गया है। इंडिगो ने बताया कि विभाग ने जीएसटी और जुर्माने की राशि की मांग की है।एयरलाइंस ने अपनी फाइलिंग में कहा है, "कंपनी का मानना है कि अधिकारियों द्वारा जारी आदेश त्रुटिपूर्ण है।
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