बीजेपी की फायर ब्रांड नेता साध्वी निरंजन ज्योति को उत्तर प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। साध्वी निरंजन ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की, उसके बाद उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किया। इस तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। दरअसल उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और फिलहाल यूपी में बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। इसी बीच साध्वी के जेपी नड्डा से मुलाकात के कई मतलब निकाले जाने लगे हैं।
जेपी नड्डा से मिलीं साध्वी निरंजन
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता कही जाने वाली साध्वी निरंजन ज्योति ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर दिया। उसके बाद से लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या साध्वी निरंजन ज्योति यूपी बीजेपी की नई प्रदेश अध्यक्ष बनने जा रही हैं।
साध्वी निरंजन ज्योति सबसे आगे?
सोशल मीडिया पर उड़ रही खबरों और यूपी की राजनीति के जानकारों की मानें तो साध्वी निरंजन ज्योति उत्तर प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे बताई जा रही हैं। साध्वी 2014 से 2024 तक मोदी कैबिनेट में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं, फतेहपुर की पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति पिछड़े वर्ग से आती हैं। साध्वी का अति पिछड़ी जाति से संबंध पार्टी के आगामी यूपी चुनाव के समीकरण के लिहाज से फिट बैठता है।
PDA की काट बनेंगी निरंजन ज्योति?
दरअसल यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी का जो भी अगला अध्यक्ष होगा उसके कंधों पर चुनाव में जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उधर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव PDA मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक कार्ड के सहारे चुनावी वैतरणी पार कर लेना चाहते हैं। अखिलेश के PDA वाली नाव में छेद करने के लिए बीजेपी की तरफ से साध्वी निरंजन ज्योति एकदम फिट बैठती हैं।
21 साल की उम्र में लिया था संन्यास
साध्वी निरंजन ज्योति अति पिछड़ा वर्ग से आती हैं और उन्होंने महज 21 साल की उम्र में पारिवारिक जीवन से संन्यास ले लिया था। बीजेपी अगर निरंजन ज्योति को प्रदेश अध्यक्ष बनाती है तो उनके चेहरे के सहारे अखिलेश के पिछड़ा और दलित गठजोड़ पर जोरदार चोट कर सकती है। वैसे तो निरंजन ज्योति ने जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें बिहार में मिली बंपर जीत के लिए बधाई दी। लेकिन इस मुलाकात के सियासी गलियारे में अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की रेस में कई नाम
साध्वी निरंजन ज्योति के अलावा भी कई और नाम यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में बताए जा रहे हैं। इसमें केशव प्रसाद मौर्य, धर्मपाल सिंह, बाबूराम निषाद, रमाशंकर कठेरिया, दिनेश शर्मा और स्वतंत्र देव के नाम पर भी अटकलों का बाजार गर्म है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अलगे दो से तीन दिनों में यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो जाएगी।
बिहार में निरंजन ज्योति ने किया था प्रचार
बीजेपी ने हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति को प्रचार के रण में उतारा था। अति पिछड़ा कहे जाने वाले मल्लाह समाज से आने वाली साध्वी निरंजन ज्योति को VIP के मुकेश सहनी की काट के तौर पर पार्टी ने इस्तेमाल किया था। उन्हें बीजेपी ने केशव प्रसाद मोर्य के साथ सह-पर्यवेक्षक बनाकर बिहार के चुनाव में भेजा था।