Israel-US Iran War: पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों की होगी वतन वापसी, केंद्रीय मंत्री ने किया ऐलान

Israel-US Iran War: भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे नागरिकों को वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें ईरान-इज़राइल संघर्ष से प्रभावित लोग भी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षित वापसी पक्की करने के लिए विदेश में भारतीय मिशन के साथ बातचीत चल रही है।

Jitendra Singh
अपडेटेड2 Mar 2026, 05:44 PM IST
Israel-US Iran War: खाड़ी देशों में फंसे लोगों की वतन वापसी होगी।
Israel-US Iran War: खाड़ी देशों में फंसे लोगों की वतन वापसी होगी।

Israel-US Iran War: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश में भारतीय मिशनों के संपर्क में है। एक बयान में जोशी ने कहा कि संघर्ष के कारण प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।

उन्होंने कहा, "जब भी कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीय दुनिया में कहीं भी संकट का सामना करते हैं, केंद्र सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती है। इससे पहले, हम यूक्रेन में फंसे लोगों को वापस लाए थे। भारतीय जहां भी हों, उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

भारतीयों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, जोशी ने कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष की गंभीरता के कारण कन्नड़ भाषी लोगों के परेशानी में फंसे होने की सूचना मिली है। ऐसे में भारतीयों की सकुशल वापसी के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के साथ तुरंत बातचीत की गई। परेशान परिवारों को भरोसा दिलाते हुए मंत्री ने कहा कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है और सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पीएम मोदी ने की हाईलेवल बैठक

इससे पहले कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति की समीक्षा की। साथ ही क्षेत्र में रहने वाले बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। सीसीएस ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश भी दिया है कि वे घटनाक्रम से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक एवं व्यवहार्य कदम उठाएं।

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प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में रविवार रात हुई बैठक में सीसीएस ने संघर्ष की स्थिति को शीघ्र समाप्त करने और संवाद एवं कूटनीति के जरिए मामले का हल निकालने के महत्व पर भी जोर दिया। सीसीएस देश के सुरक्षा संबंधी और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सीसीएस ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठक की। इस दौरान उसे ईरान में हुए हवाई हमलों और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों सहित बढ़ते तनाव के बारे में जानकारी दी गई।

विदेश में फंसे पंजाबियों की होगी वापसी

पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि अरब देशों में लड़ाई की वजह से कई पंजाबियों को इन देशों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात को देखते हुए सरकार ने एनआरआई विंग के नंबर जारी किए हैं। अगर कोई या उनके परिवार का कोई सदस्य इन देशों में फंसा है, तो तुरंत इन नंबर पर संपर्क करें। मैं विदेश मंत्रालय के संपर्क में हूं। हम उन्हें जल्द से जल्द सभी जरूरी मदद देने के लिए तैयार हैं। एनआरआई विंग पंजाब 24/7 कंट्रोल रूम 0172-2260042, 0172-2260043, व्हाट्सएप नंबर +91 94787 79112

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कुवैत में क्रैश हुआ अमेरिका का F-15 फाइटर जेट

इस बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी सेना का एक F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। इस विमान के क्रैश होने का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें विमान में आसमान में ही आग लगते हुई देखी जा सकती है। F-15 फाइटर जेट दुनिया के सबसे घातक और आधुनिक लड़ाकू विमानों में एक माना जाता है। हालांकि विमान में आग लगते ही पायलट पैरासूट लेकर कूद गया जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, अभी तक इस खबर की किसी ने पुष्टि नहीं की है। अमेरिका और कुवैत की सेना की ओर भी कोई बयान नहीं आया है।

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