
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को इस बार बंपर जीत मिली है, जिसका असर कानून-व्यवस्था से लेकर अतिक्रमण और स्वच्छता पर अभियान के रूप में देखा जा रहा है। जिसे देखकर लोग पूछने लगे हैं कि क्या बिहार में भी पड़ोसी प्रदेश यूपी वाले बुलडोजर बाबा का राज कायम हो रहा है। पूरे बिहार में गुंडे-बदमाशों, बालू माफिया, छेड़खानी करने वाले और अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
बिहार में अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है। जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिहार में भी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टाइल में सरकार चलने लगी है। ऐसा पूछे जाने की वजह है 20 नवंबर को नीतीश कुमार सरकार के शपथग्रहण के साथ ही सरकार के काम करने का तरीका। बिहार पुलिस ने 1700 अपराधियों की लिस्ट तैयार की है उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए। इन अपराधियों को दो श्रेणी में बांटा गया है, जिनमें से पहली लिस्ट पर अमल भी शुरू हो गया है।
बिहार पुलिस ने पूरे प्रदेश में 400 मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों की सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने के साथ उनकी अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी। ऐसे अपराधियों में पैसा लेकर हत्या करने वाले, जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, बालू माफिया और बड़े-बड़े शराब ठेकेदार शामिल हैं।
400 मोस्ट वॉन्टेड के अलावा बिहार पुलिस की लिस्ट में 1300 अपराधी दूसरी श्रेणी में रखे गए हैं। जिनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी और उनके अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन देखने को मिलेगा।
यूपी की तर्ज पर अब बिहार में भी लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को सबक सिखाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाया जा रहा है। जिसके तरह 2000 स्कूटी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जो स्कूल, कॉलेज समेत सार्वजनिक स्थलों पर छेड़खानी करने वाले मनचलों को सबक सिखाएंगी।
बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश में गंगा नदी समेत तमाम नदियों से अवैध बालू खनन करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। अवैध तरीके से सरकारी या गैर-सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया पर भी कार्रवाई के लिए लिस्ट तैयार हो चुकी है। इसके अलावा बिहार में शराब तस्करी करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया जा रहा है।
बिहार में नई सरकार बनने के बाद से अगर किसी काम में सबसे तेज गति देखी जा रही है तो वो है अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार के हर जिला मुख्यालय से लेकर शहर और बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। सड़क, पार्क, फुटपाथ समेत सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान, दुकान और कारोबार चलाने वालों के खिलाफ पूरे प्रदेश में बुलडोजर एक्शन देखने को मिल रहा है।
बिहार में हाल ही में खत्म हुए विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी पटना समेत कई जिलों में एकाएक आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो गया था। जिसको लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पूरे महागठबंधन के घटक दलों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। नीतीश कुमार की सुशासन बाबू की छवि पर जंगलराज का दाग लगाने की पुरजोर कोशिश की गई थी। जानकारों का मानना है कि नीतीश कुमार की सुशान बाबू की छवि को बहाल करने और नए गृहमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व क्षमता का संदेश देने के लिए जोर शोर से कार्रवाई की जा रही है।
एनडीए ने इस बार से चुनाव प्रचार के दौरान बिहार में उद्योग-धंधे और इंडस्ट्री लगाने का वादा किया था। गुंडे-बदमाशों और अतिक्रण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई को इसी कड़ी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उद्योग जगत को आकर्षित करने के लिए राज्य में भयमुक्त और स्वच्छ वातावरण के निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थापित किया है।
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