पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाने पर JNU ने की पुलिस से शिकायत, जानिए क्या है पूरा मामला

JNU Controversial Slogans: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस एक बार फिर से सुलग गया है। साल 2020 की देश विरोधी कांड के 6वीं बरसी पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए गए। इसबीच JNU ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की अपील की है।

Jitendra Singh
अपडेटेड6 Jan 2026, 04:40 PM IST
JNU Controversial Slogans: JNU फिर से सुलगने लगा है।
JNU Controversial Slogans: JNU फिर से सुलगने लगा है। (HT)

JNU Controversial Slogans: दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर से विवादों में है। यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। वायरल हुए 35 सेकंड के वीडियो में 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर' जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन कोर्ट के एक हालिया फैसले और 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था। वहीं इस मामले में JNU प्रशासन ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की अपील की है।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन के SHO को एक चिट् लिखी है। इसमें कहा गया है कि JNU में साबरमती हॉस्टल के बाहर PM के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाने के मामले में FIR दर्ज करने की अपील की है।

पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ विवादित नारेबाजी

दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिलने के बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक ग्रुप ने JNU कैंपस के भीतर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए। सोमवार रात हुए विरोध प्रदर्शन के कथित वीडियो के अनुसार, पीएम मोदी और शाह की निंदा करते हुए नारे लगाए गए।

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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र पांच जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन करते हैं। मिश्रा ने पीटीआई से कहा, "विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और वे किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे। वे किसी को लक्ष्य करके नहीं लगाए गए थे।" दिल्ली के मंत्रियों आशीष सूद एवं मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने विपक्ष पर ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

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'सांपों के फ़न कुचले जा रहे...'

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं, सपोलें बिलबिला रहे हैं। JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं। आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है।

विश्वविद्यालय प्रशासन करेगा कार्रवाई

वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि जेएनयू प्रशासन ने मंगलवार को एक बैठक की और वह दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जेएनयू प्रशासन इस मामले में आंतरिक जांच शुरू कर रहा है। यदि छात्र किसी नियम या विनियम का उल्लंघन करते हुए दोषी पाए जाते हैं तो हम छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जेएनयू प्रशासन बाद में एक परामर्श जारी करेगा। छात्रों के अनुसार, 5 जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए हर साल विरोध प्रदर्शन किया जाता है।

(न्यूज एजेंसी भाषा के साथ)

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