मनरेगा का नाम बदलने पर सियासी संग्राम, दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

कांग्रेस ने मनरेगा कानून में बदलाव और नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक प्रदर्शन किया। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग और नफरत की राजनीति का आरोप लगाया। 

Rishabh Shukla
पब्लिश्ड17 Dec 2025, 05:45 PM IST
कर्नाटक कांग्रेस का प्रदर्शन
कर्नाटक कांग्रेस का प्रदर्शन (Social Media)

केंद्र सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) विधेयक करने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद गहरा गया है। नई दिल्ली में आज ऑल इंडिया अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स कांग्रेस के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में पार्टी ने नए विधेयक पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेता उदित राज ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण बेरोजगारी से लड़ने वाली दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक योजना रही है, जिसे अब धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना सिर्फ एक औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि गांधी की विचारधारा और विरासत पर सीधा प्रहार है।

मनरेगा बदलाव के खिलाफ सड़क पर कांग्रेस

उधर कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने मनरेगा बदलाव के खिलाफ आज बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौध परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। इसमें राज्य सरकार के मंत्री, कांग्रेस विधायक और विधान परिषद के सदस्य शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बिना राज्यों से सलाह लिए फैसले थोप रही है।

नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा पर निशाना

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने नेशनल हेराल्ड केस को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के आरोपपत्र को निचली अदालत द्वारा खारिज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार ने राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया। सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ झूठे मामलों के जरिए नफरत की राजनीति की जा रही है, जिसका कांग्रेस डटकर मुकाबला करेगी।

गांधी की तस्वीर को लेकर शिवकुमार की खुली चुनौती

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव को संविधान से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो वह रुपए के नोट से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाकर दिखाए। शिवकुमार ने कहा कि मनरेगा संविधान की देन है और इसे बदला नहीं जा सकता। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़कों तक उठाएगी।

कांग्रेस के प्रदर्शन से गर्माया सियासी माहौल

कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब केंद्र सरकार ने लोकसभा में विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 पेश किया है, जिसे मनरेगा के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के ताजा फैसले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह केंद्र की कथित प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर खड़ी रहेगी।

क्या है VB-GRAM?

लोकसभा में कृषि मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बिल में अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक वयस्क सदस्यों वाले प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए अब 100 दिन के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। बिल की धारा 22 के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड साझा करने का अनुपात 60:40 होगा। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) के लिए यह अनुपात 90:10 होगा। बिल की धारा 6 राज्य सरकारों को एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की अवधि पहले से अधिसूचित करने की अनुमति देती है, जिसमें बुवाई और कटाई जैसे व्यस्त कृषि सीजन शामिल होंगे। इस घोषित अवधि के दौरान, इस बिल के तहत कोई भी काम शुरू या निष्पादित नहीं किया जाएगा।

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