प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन (सेंट्रल सेक्रेटेरिएट- CCS) का उद्घाटन किया। इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के बीच मौजूद कर्तव्य भवन देश के सभी बड़े मंत्रालयों का नया पता बनेगा। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय अब इसी जगह से अपना काम करेंगे।
वर्तमान में कई जरूरी मंत्रालय पुरानी इमारतों जैसे शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन आदि में चल रहे हैं। ये इमारतें 1950 से 1970 के बीच बनी थीं। अब ये पुरानी हो चुकी हैं और ठीक से काम नहीं कर रही हैं। ये सभी अब कर्तव्य भवन में चलेंगे। यह एक आधुनिक तकनीकी से लैस ऑफिस कॉम्प्लेक्स है जो लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर में फैला है।
कर्तव्य भवन में शिफ्ट होने वाले मंत्रालय
कर्तव्य भवन 3 में कई बड़े मंत्रालयों को जगह मिली है, जो इस प्रकार है
5.कार्मिक व प्रशिक्षण कार्य मंत्रालय
6.पेट्रोलियम एंव प्राकृतिक गैस मंत्रालय
7.प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय
आधुनिक सुविधाओं से लैस है कर्तव्य भवन 3
कर्तव्य भवन 3 में कुल 7 फ्लोर हैं। यह भवन 1.50 लाख वर्ग मीटर में बना है। इसमें 600 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी मौजूद है। यहां वर्क हॉल, योगा, क्रैच, मेडिकल रूम, कैफे, 24 कॉन्फ्रेंस हॉल और 26 छोटे कॉन्फ्रेंस हाल मौजूद हैं। इसके अलावा 67 मीटिंग रूम, 27 लिफ्ट और 2 स्वचालित सीढ़ियां भी हैं।
कर्तव्य भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वाटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं।
कर्तव्य भवन को बनाने में लगी इतनी लागत
कर्तव्य भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कर्तव्य भवन 1 ,2, और 3 की बनाने में कुल लागत 3,690 करोड़ है। अंतिम लागत निर्माण पूरा होने के पता चलेगी।
दो कर्तव्य भवन का उद्घाटन होना बाकी
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत 3 कर्तव्य भवनों का निर्माण होना है। आज पीएम मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया है। वहीं, शहरी विकास कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के अनुसार कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 का काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। जिनका उद्घाटन इसी साल अक्टूबर माह में होने की उम्मीद है।