वंदे मातरम् पर सियासत तेज? खरगे का बड़ा आरोप- बंगाल चुनाव के लिए रची गई बहस

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वंदे मातरम् पर चर्चा को बंगाल चुनावों से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था, रुपए के अवमूल्यन और दक्षिण एशिया में भारत के घटते प्रभाव पर सवाल उठाए। 

Rishabh Shukla
अपडेटेड9 Dec 2025, 06:59 PM IST
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में हुई चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बहस पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर शुरू कराई है ताकि जनता का ध्यान बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था और सामाजिक चुनौतियों जैसे वास्तविक मुद्दों से भटकाया जा सके। खरगे ने कहा कि भारत माता को सच्ची श्रद्धांजलि नारों से नहीं, बल्कि संसद में जनता से जुड़े सवालों का समाधान करके दी जा सकती है।

यह भी पढ़ें | वोटर लिस्ट से नागरिकता तक सवाल! SIR पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी का तीखा हमला

खरगे का अर्थव्यवस्था, कूटनीति और 56 इंच पर तंज

अपने करीब एक घंटे के भाषण में खरगे ने देश की आर्थिक स्थिति और विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने रुपए के अवमूल्यन का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीए शासन में डॉलर के मुकाबले रुपया 55-60 के दायरे में था, जो अब 90 के पार जा चुका है। दक्षिण एशिया में भारत के घटते प्रभाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चीन का प्रभाव बढ़ रहा है, नेपाल निवेश के लिए चीन की ओर देख रहा है और बांग्लादेश त्रिपक्षीय बैठकों में शामिल हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए सवालिया अंदाज में कहा कि 56 इंच का सीना किस काम का, जब चीन के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला जाता?

यह भी पढ़ें | राहुल गांधी ने चुनाव सुधार की जगह RSS पर साधा निशाना, संसदीय कार्यमंत्री ने टोका

खरगे ने नेहरू के अपमान का लगाया आरोप

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेताओं पर जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाने का फैसला अकेले नेहरू का नहीं था, बल्कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और अन्य नेताओं की सहमति से लिया गया सामूहिक निर्णय था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वंदे मातरम् का सम्मान किया है और असहयोग आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक कांग्रेस कार्यकर्ता इसी गीत को गाते हुए जेल जाते थे।

राष्ट्रीय गीत का सम्मान बहस का नहीं, उत्सव का विषय- खरगे

खरगे की टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति दर्ज की। नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि वह विषय से भटक रहे हैं, जबकि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें मूल चर्चा तक सीमित रहने की सलाह दी। जवाब में खरगे ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान बहस का नहीं, उत्सव का विषय है और सरकार इसे राजनीतिक ढाल बनाकर अपनी विफलताओं को छिपा रही है। भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन वंदे मातरम् का सम्मान हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़न्यूज़वंदे मातरम् पर सियासत तेज? खरगे का बड़ा आरोप- बंगाल चुनाव के लिए रची गई बहस
More
बिजनेस न्यूज़न्यूज़वंदे मातरम् पर सियासत तेज? खरगे का बड़ा आरोप- बंगाल चुनाव के लिए रची गई बहस