ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने पद पर बने रहेंगे। अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत रहे पीटर मैंडलसन और यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के संबंधों का खुलासा होने के बाद स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव बन रहा था। नकारात्मक चर्चाओं के बीच 19 महीने पुरानी ब्रिटिश सरकार गंभीर संकट में फंसती दिख रही है।
स्टार्मर की पसंद पर उठे सवाल
अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत रहे पीटर मैंडलसन और अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के संबंधों का खुलासा होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। वह लेबर पार्टी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि महज डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद उन्हें पद से न हटाया जाए।
मैंडलसन को इस उच्च पदस्थ राजनयिक पद पर नियुक्त करने के निर्णय को लेकर प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनकी वामपंथी झुकाव वाली लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने 2024 में पीटर मैंडलसन को राजनयिक नियुक्त करने के उनके फैसले के लिए उनसे इस्तीफा देने की मांग की है।
क्या फैसला लेगी लेबर पार्टी?
स्कॉटलैंड में लेबर पार्टी के नेता अनस सरवर ने भी प्रधानमंत्री स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग की है। सरवर ने कहा कि 'ध्यान भटकाने वाली चीजें बंद होनी चाहिए और डाउनिंग स्ट्रीट में नेतृत्व में बदलाव होना चाहिए।' ब्रिटेन में डाउनिंग स्ट्रीट पर ही प्रधानमंत्री आवास है। सरवर लेबर पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने स्टार्मर से इस्तीफा देने का आह्वान किया है।
पीएमओ बोला- स्टार्मर नहीं छोड़ेंगे पद
स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ और उनके संचार निदेशक ने भी इस्तीफा दे दिया है। इस बीच, प्रधानमंत्री के कार्यालय ने सोमवार को कहा कि स्टार्मर का पद छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। स्टार्मर ने संसद में लेबर पार्टी के सांसदों से कहा, 'मैंने आज तक जितने भी संघर्ष किए हैं, उन सबमें जीत हासिल की है।' उन्होंने कहा, 'मैं अपने जनादेश और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने को तैयार नहीं हूं।'