
बिहार चुनाव के नतीजे अभी कल ही यानी 14 नवंबर को आए हैं। इस बार RJD को जितनी बड़ी हार मिली है, शायद ही किसी लालू समर्थक ने सोचा होगा। नतीजों ने पार्टी की साख हिला दी है, और इसी बीच यादव परिवार से एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। लालू यादव की बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने राजनीति और अपने परिवार, दोनों से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है।
पहले तो चुनाव में RJD बुरी तरह पीछे रह गई और महागठबंधन की सियासी पकड़ लगभग खत्म हो गई। अब परिवार के अंदर भी दरार गहरी होती दिख रही है। नतीजे आने के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स (X) पर पोस्ट लिखकर कहा कि वे राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से भी नाता तोड़ रही हैं। यह वही रोहिणी हैं जिन्होंने पिछले साल अपने पिता को किडनी दी थी।
रोहिणी ने अपनी पोस्ट में संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों ने उन्हें राजनीति और परिवार से दूर होने की सलाह दी थी। पहले उनकी पोस्ट में सिर्फ राजनीति छोड़ने की बात थी, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने अपनी पोस्ट एडिट कर इन दोनों के नाम जोड़ दिए।
यह भी बताया जाता है कि रोहिणी का संजय यादव से काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। बिहार अधिकार यात्रा के दौरान भी दोनों के बीच की दूरी लोगों ने महसूस की थी। एक यूजर द्वारा इस मुद्दे पर सवाल उठाए जाने पर रोहिणी ने उस पोस्ट को शेयर भी किया था।
सितंबर में भी रोहिणी ने ऐसी पोस्ट डाली थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है और उनका आत्मसम्मान सबसे ऊपर है। तब माना गया था कि वे परिवार से थोड़ा अलग हो रही हैं। हालांकि चुनाव के दौरान उन्होंने खुलकर तेजस्वी यादव के पक्ष में प्रचार किया था, लेकिन नतीजों के बाद उनका रुख एकदम बदल गया।
रोहिणी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से चुनाव लड़ा था। यह RJD की परंपरागत मजबूत सीट मानी जाती है। लेकिन यहां उनकी हार ने परिवार में उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर कर दी थी। तब से उनके अंदर की नाराजगी धीरे-धीरे बढ़ती दिख रही थी जो अब साफ तौर पर सामने आ गई है।
रोहिणी आचार्य, लालू यादव की दूसरी बेटी और तेजस्वी यादव की बहन हैं। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। उनके पति समरेश सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और एक रिटायर्ड आयकर अधिकारी राय रणविजय सिंह के बेटे हैं, जो लालू यादव के करीबी दोस्त रहे हैं। रोहिणी आचार्य का अचानक राजनीति छोड़ना और परिवार से दूरी बनाना कई सवाल खड़े करता है। बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
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