लोकसभा में SHANTI बिल पास, न्यूक्लियर सेक्टर में अब प्राइवेट प्लेयर्स को मिलेगी एंट्री

SHANTI Bill: लोकसभा में शांति बिल पेश किया गया, जिसे पारित कर दिया गया है। परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि शांति बिल में उन्हीं सुरक्षा उपायों को रखा गया है जो प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय अमल में आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदाी बढ़ेगी।

Jitendra Singh
अपडेटेड17 Dec 2025, 08:31 PM IST
SHANTI Bill: शांति बिल बिल पास होने के बाद 1962 और 2010 के पुराने कानून खत्म होंगे।
SHANTI Bill: शांति बिल बिल पास होने के बाद 1962 और 2010 के पुराने कानून खत्म होंगे।

SHANTI Bill: लोकसभा में बुधवार को सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India - SHANTI) बिल, 2025 पेश किया गया। इस पर चर्चा के बाद पास कर दिया। इस बिल का मकसद न्यूक्लियर एनर्जी के सुरक्षित और रेगुलेटेड इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। ये बिल भारत के नागरिक परमाणु क्षेत्र में सरकार के दबदबे को खत्म करते हुए उसे पूरी तरह से बदलकर रख देगा। ये बिल कानून बनने के बाद एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962 और न्यूक्लियर डैमेज के लिए सिविल लायबिलिटी एक्ट 2010 दोनों को खत्म कर देगा।

विज्ञान और टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बिल पेश किया था। इससे भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के प्राइवेट सेक्टर को न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन में शामिल होने का मौका मिलेगा। आजादी के बाद न्यूक्लियर सेक्टर में इसे सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इसमें आपूर्तिकर्ता के उत्तरदायित्व का प्रावधान नहीं है। यह संवेदनशील क्षेत्र में निजी कॉरपोरेट समूहों के लिए रास्ता खोलने वाला है।

शांति बिल से देश को मिलेगी नई दिशा

न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, लोकसभा में चर्चा के दौरान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शांति बिल देश की विकास यात्रा को एक नई दिशा देगा। उन्होंने आगे कहा कि "प्रस्तावित कानून का मकसद न्यूक्लियर एनर्जी और कई सेक्टर में इसके इस्तेमाल में बड़ी ग्रोथ को बढ़ावा देना है। साल 2047 तक 100 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने में परमाणु क्षेत्र महत्वपूर्ण है। सिंह ने कहा कि आज की दुनिया में अलग-थलग रहने का दौर खत्म हो चुका है।

यह भी पढ़ें | संसद में आज ऑपरेशन सिंदूर पर होगी बड़ी बहस, राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे देंगे बयान

उन्होंने कहा कि उन्हीं सुरक्षा उपायों को जारी रखा गया है जो प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय अमल में लाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी, लेकिन सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि यह कोई नया बिल नहीं है, हमने बस इसके कुछ पहलुओं में बदलाव किया है।

यह भी पढ़ें | मेस्सी शो में विवाद पर भाजपा ने की बंगाल के दो मंत्रियों की गिरफ्तारी की मांग

बिल में क्या खास है?

इस विधेयक का एक बड़ा उद्देश्य यह है कि अब भारतीय निजी कंपनियां परमाणु बिजली संयंत्र और रिएक्टर बनाने, उनके मालिकाना हक, संचालन उन्हें बंद करने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगी। अब तक ये काम मुख्य रूप से न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और अन्य सरकारी कंपनियों के संयुक्त उपक्रमों तक सीमित थे।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़न्यूज़लोकसभा में SHANTI बिल पास, न्यूक्लियर सेक्टर में अब प्राइवेट प्लेयर्स को मिलेगी एंट्री
More
बिजनेस न्यूज़न्यूज़लोकसभा में SHANTI बिल पास, न्यूक्लियर सेक्टर में अब प्राइवेट प्लेयर्स को मिलेगी एंट्री