
LPG Cylinder Shortage India: अमेरिका और ईरान की जंग के बीच देश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी मची हुई है। दिल्ली हो या मुंबई हर शहर का एक जैसा ही हाल हो गया है। सभी जगहों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतार लग रही है और कुछ जगहों पर होटल बंद हो गए हैं। गैस सिलेंडर की इस मारामारी के बीच दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है।
दिल्ली सरकार के नए नियमानुसार,रेखा गुप्ता सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की सप्लाई के लिए एक नई वितरण नीति (Distribution Policy) जारी की है, ताकि जरूरी सेवाओं को सिलेंडर के लिए भटकना न पड़े।
दिल्ली सरकार ने बाजार में सिलेंडर की भारी मांग और सप्लाई के बीच तालमेल बैठाने के लिए नई वितरण नीति लाई है। अब शहर में होने वाली कुल बिक्री का एक बड़ा हिस्सा सरकारी नियंत्रण में रहेगा। रोजाना होने वाली कुल बिक्री में से 20 प्रतिशत सिलेंडर सरकार अलग रखेगी। इसका मतलब है कि हर दिन करीब 1,800 कमर्शियल सिलेंडर सरकार की देखरेख में उन लोगों तक पहुंचाए जाएंगे जिन्हें इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद जरूरी सेवाओं को बिना किसी रुकावट के गैस सप्लाई देना है। प्राथमिकता के आधार पर इन जगहों को सिलेंडर दिए जाएंगे।
भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चे तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी की जरूरत को आयात से पूरा करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज़्यादा कच्चे तेल का आयात, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85-90 एलपीजी आयात सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।
इस युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है, जो खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य रास्ता है। हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से कच्चा तेल मंगाकर आपूर्ति में व्यवधान को कुछ हद तक ठीक किया है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों को गैस आपूर्ति कम कर दी गई है और होटल और रेस्तरांओं को भी एलपीजी की उपलब्धता कम हो गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहर गैस वितरण कंपनियों से घरों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने और उन इलाकों में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले ही बिछाया जा चुका है।
दिल्ली में गैस सप्लाई करने वाली तीनों प्रमुख तेल कंपनियों (OMCs) की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। उनके मार्केट शेयर के हिसाब से सिलेंडरों का बंटवारा इस प्रकार होगा।
ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गैस की कमी के चलते अस्पताल, रेलवे और आम जनता की डाइट से जुड़े रेस्टोरेंट्स का काम न रुके।
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