दिल्ली की साकेत अदालत ने आज गोवा पुलिस की बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता की 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली। अब गोवा पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए गोवा ले जा सकेगी। यह कार्रवाई छह दिसंबर को गोवा के अरपोरा स्थित इसी नाइट क्लब में लगी भीषण आग के मामले में की गई है, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी। गुप्ता को इस मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को दिल्ली से हिरासत में लिया गया था। गोवा पुलिस ने उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद जोशी की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी।
अजय गुप्ता की 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर
अदालत ने मौजूदा हवाई यात्रा संकट और इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान को ध्यान में रखते हुए गोवा पुलिस को सीमित समय की ट्रांजिट रिमांड दी। सुनवाई के दौरान अजय गुप्ता ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वे नाइट क्लब में केवल एक साझेदार हैं और संचालन से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को पूछताछ का अधिकार है, लेकिन साथ ही न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि हिरासत के दौरान अजय गुप्ता की सेहत का पूरा ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने विशेष रूप से उनकी रीढ़ की हड्डी की चोट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें समय पर दवाएं और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जाए।
लूथरा ब्रदर्स को राहत नहीं
इससे पहले गोवा पुलिस ने अजय गुप्ता के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, क्योंकि पुलिस टीम उन्हें उनके दिल्ली स्थित आवास पर नहीं ढूंढ पाई थी। बाद में उन्हें दिल्ली में हिरासत में लिया गया। वहीं, इसी मामले में नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को दिल्ली की एक अदालत से कोई अंतरिम राहत नहीं मिल पाई। दोनों भाइयों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना ने गोवा सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी।
लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस
लूथरा बंधुओं ने चार सप्ताह की अग्रिम जमानत मांगी थी, ताकि थाईलैंड से लौटते ही उनकी गिरफ्तारी न हो। बताया गया है कि छह दिसंबर की घटना के बाद दोनों भाई थाईलैंड भाग गए थे, जिनके खिलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है।