
Made in India Semiconductor Chips: भारत अब मैन्युफैक्चरिंग पर खास तौर से ध्यान दे रहा है। कई बड़ी कंपनियां भारत में अपने प्लांट लगाने की तैयारी कर रही हैं। इसबीच केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहली ‘मेड इन इंडिया’ 28-90 एनएम की सेमीकंडक्टर चिप इस साल बाजार में आएगी। उन्होंने कहा कि हमने एक टारगेटेड एप्रोच का उपयोग करते हुए एक विशेष सेगमेंट को टारगेट किया है। जिसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है।
देश की राजधानी दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry’s - CII) एनुअल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे देश में छह सेमीकंडक्टर प्लांट्स का निर्माण हो रहा है। पहली मेड-इन-इंडिया 28-90 एनएम चिप इस साल बाजार में आ जाएगी।
वैष्णव वे कहा कि कई टॉप अर्थशास्त्री चाहते हैं कि हमारा सेवाओं पर फोकस बढ़े। मैन्युफैक्चरिंग और सेवाएं दोनों ही विकास के अगले स्तर के लिए समान रूप से अहम है। हमें जहां भी अवसर मिले, अपना काम बढ़ाना चाहिए। हमारे पास अपना खुद का आईपी, उत्पाद, डिजाइन और स्टैंडर्ड होना चाहिए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण हो रहे सकारात्मक बदलाव के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने एआई के कारण एक बड़ा बदलाव देखा है, और यह हमेशा के लिए है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंटरनेट ने दुनिया के लिए जो किया, वैसा ही कुछ एआई से भी होगा। हमें उद्योग और क्षेत्र की परवाह किए बगैर उस बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। एआई हमारे समाज और उद्योग में बहुत बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति, बारीकियों, भाषाओं और सामाजिक मानकों पर प्रशिक्षित एआई मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया।
28 से 90 nm के बीच के ये नोड्स भारत के लिए एक मजबूत शुरुआत हो सकते हैं। इधर पश्चिमी देश एडवांस नोड्स में व्यस्त हैं। लिहाजा भारत अपने डिजिटल उत्पादों के जरिए 28 nm जैसी टेक्नोलॉजी से आत्मनिर्भरता हासिल कर सकता है। इससे भारत केवल मोबाइल और कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि ऑटो, रक्षा और उपग्रह टेक्नोलॉजी में भी बड़ी छलांग लगा सकता है।
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