Maharashtra Caste Certificates: महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया है कि अगर गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र हासिल किया है, तो यह रद्द हो जाएगा। सीएम ने कहा कि अगर हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के लोगों के अलावा किसी भी व्यक्ति के पास एससी प्रमाण पत्र है तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। विधान परिषद में सीएम ने कहा कि अगर किसी ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ लिया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति ने उस प्रमाण पत्र के इस्तेमाल से चुनाव जीता है तो उसे भी रद्द कर दिया जाएगा।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि अगर कोई किसी का जबरन धर्म परिवर्तन कर रहा है, तो इससे निपटने के लिए कड़े प्रावधान लाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में जल्दी ही निर्णय लिया जाएगा। फडणवीस ने विधान परिषद में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे मामलों से निपटने के संबंध में सिफारिशें देने के लिए पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था और उसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी। इसके बाद जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि जबरन धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाई जा सके।
गलत फायदा उठाने वालों से होगी वसूली
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि अगर फर्जीवाड़ा करके किसी ने भी सरकारी लाभ या वेतन प्राप्त किया है, तो सरकार की तरफ से उनसे राशि की वसूली की जाएगी। सीएम ने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया है कि अनुसूचित जाति का आरक्षण सिर्फ हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के लोगों को ही मिल सकता है। इनके अलावा अन्य धर्मों के लोग इसका लाभ नहीं ले सकते हैं।
धर्मांतरण विरोधी कानून होगा लागू
सीएम देवेंद्र फडणवीस से पहले गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने सोमवार को कहा था कि राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लाया जाएगा। यह अन्य राज्यों के समान कानूनों से ज्यादा सख्त होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित गोरखे ने दावा किया कि ‘पहचान छिपाने वाले ईसाई’ धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं। लोग अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ उठाते हैं लेकिन दूसरे धर्मों को मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपरी तौर पर ये लोग अनुसूचित जाति से होते हैं। सरकारी नौकरियों में आरक्षण का फायदा उठाते हैं, चुनावों के दौरान इसका इस्तेमाल करते हैं लेकिन गुप्त रूप से अलग धर्म का पालन करते हैं।
वहीं भाजपा नेता और विधान परिषद की निर्दलीय सदस्य चित्रा वाघ ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पति ने अपना धर्म छिपाकर धोखे से शादी की है। उन्होंने सांगली का एक मामला बताया जहां एक महिला की शादी ऐसे परिवार में कर दी गई, जो गुप्त रूप से ईसाई धर्म का पालन करता था। चित्रा ने यह भी दावा किया कि महिला को प्रताड़ित किया गया और उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया, जिस वजह से सात महीने की गर्भवती महिला ने आत्महत्या कर ली थी।
फडणवीस ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने धर्म का पालन कर सकता है। अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर सकता है। वहीं अगर किसी को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है, धोखा दिया जाता है या किसी भी तरह का प्रलोभन दिया जाता है, तो कानून इसकी अनुमति नहीं देता है।