गंगासागर: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग एक ऐसे मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ ने बनाया है।
दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग गलत तरीकों का सहारा ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योग्य मतदाताओं को गलत तरीके से मृत घोषित किया जा रहा है और बुजुर्ग, बीमार व कमजोर लोगों को जबरन सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा से जुड़े मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि ऐसा अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उसी दिन तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान आयोग ने मनमाने और नियमों के खिलाफ कदम उठाए हैं।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया से राज्य के कई असली और योग्य मतदाताओं को भारी परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें और जो लोग इस प्रक्रिया से परेशान हैं, उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत समर्थन की जरूरत नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों का साथ देना जरूरी है।
विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग से टकराव को और तेज करते हुए ममता बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह एसआईआर के दौरान हुए कथित अमानवीय व्यवहार के खिलाफ अदालत जाएंगी। उनका आरोप है कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक दबाव के कारण कई लोगों की जान गई है और कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं।