क्या प. बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की थी तैयारी? सीएम ममता बनर्जी का दावा तो जानिए

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र सरकार और अमित शाह राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी में थे। उन्होंने कहा कि इसी आशंका के कारण उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की अनुमति दी। ममता के मुताबिक SIR को रोक दिया जाता तो राष्ट्रपति शासन थोपने का बहाना मिल जाता।

Rishabh Shukla( विद इनपुट्स फ्रॉम वार्ता)
अपडेटेड4 Dec 2025, 08:11 PM IST
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आज कहा कि उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन थोपकर सत्ता हथियाने की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चाल को विफल करने के लिए चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अनुमति दी है। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर हमने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की अनुमति नहीं दी होती, तो केंद्र के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने के हालात पैदा हो सकते थे और और यह चाल अमित शाह की थी। ममता बनर्जी बांग्लादेश से सटे राज्य के अल्पसंख्यक बहुल सीमावर्ती जिले मुर्शिदाबाद के बहरामपुर स्टेडियम में एक रैली को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह शाह की चाल थी, लेकिन वह हताश हो चुके हैं और किसी को जनता की संपत्ति और अधिकारों को छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ममता बनर्जी ने अमित शाह पर लगाया बड़ा आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह किसी भी कीमत पर बंगाल पर कब्जा करना चाहते हैं। लेकिन भाजपा को याद रखना चाहिए कि बंगाल में एसआईआर की वजह से आपने अपनी कब्र खुद खोद ली है। बंगाल और बिहार एक जैसे नहीं हैं। बंगाल को उस तरह नहीं जीता जा सकता, जैसे आपने बिहार में जीत हासिल की। आप चालाकी और छल से बंगाल नहीं जीत सकते। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आप हमें हरा नहीं सकते, मार नहीं सकते; हम अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे और अंततः जीत हासिल करेंगे।

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SIR से डरें नहीं, अपने कागजात रखें तैयार

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि फरवरी में पश्चिम बंगाल के चुनाव की तारीखें घोषित की जाएंगी, इस वजह से इससे तीन महीने पहले वह एसआईआर करा रहे हैं। उन्होंने जनता कहा कि वे एसआईआर से न डरें और उन्हें सुझाव दिया कि अपने कागजात तैयार रखें। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को अनुमति नहीं दी जाएगी। तृणमूल प्रमुख ने लोगों को एसआईआर प्रक्रिया से न घबराने का आश्वासन देते हुए कहा कि अगर एनआरसी को रोकने के लिए बलिदान देना पड़े, तो मैं तैयार हूं, भले ही इसके लिए मेरा गला काट दिया जाए।

किसी को राज्य छोड़ने नहीं देंगे- ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर से संबंधित प्रश्नों की सुनवाई के दौरान तृणमूल शिविर लगाएगी और लोगों से आग्रह किया कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और शिविरों में आएं। बनर्जी ने कहा कि कोई एनआरसी नहीं होगा, कोई डिटेंशन कैंप नहीं होगा और हम किसी को भी राज्य छोड़ने नहीं देंगे। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों पर बंगाली भाषी लोगों को 'बांग्लादेशी घुसपैठियां' बताकर उन्हें परेशान करने का आरोप भी लगाया।

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