Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana: ओडिशा में विधवा महिलाओं के लिए राज्य के सीएम बड़ा तोहाफा दिया है। राज्य के सीएम मोहन चरण मांझी ने विधवा महिलाओं के दोबारा शादी के लिए एक बड़ा प्रावधान किया है। सीएम माझी ने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ (एमएमकेवीवाई) में विधवा महिलाओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम माझी ने निर्देश दिए हैं। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और असहाय परिवारों की बेटियों के विवाह में वित्तीय सहायता मुहैया कराना है। सीएम ने कहा कि इस योजना के तहत सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे और नवविवाहितों को गिफ्ट भी दिए जाएंगे।
सीएम माझी ने कहा कि ओडिशा में शादियों की परंपराएं अब काफी खर्चीली हो गई हैं। जिससे कई बार गरीब परिवार अपनी बेटियों का विवाह नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बोझ नहीं, वरदान है। हमें उनके सपनों को साकार करने के लिए उन्हें सम्मान और सशक्तिकरण की जरूरत है।
12 करोड़ का है बजट
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सीएम माझी ने कहा कि मैं ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ की घोषणा करता हूं। इसके तहत सामूहिक विवाह कराए जाएंगे। जिनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। वहीं दुल्हन को उपहार भी दिया जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग और सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से अंतरजातीय विवाहों के लिए वित्तीय सहायता मुहैया करा रही थी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर योजना को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव मनोज आहूजा, विकास आयुक्त अनु गर्ग सहित महिला एवं बाल विकास, वित्त, एससी/एसटी विकास और स्कूल एवं जन शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री जनमन योजना
राज्य के सीएम माझी ने एक अन्य बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति की समीक्षा भी की थी। उन्होंने विभागीय सचिवों को 14 जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों से गांवों और बस्तियों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा। यह योजना 14 जिलों के 55 प्रखंडों, 1,751 गांवों/बस्तियों, 289 ग्राम पंचायतों और दो नगर निकाय क्षेत्रों में 68,605 परिवारों और 3,14,514 लोगों को फायदा मिलेगा।