Mumbai Metro: मुंबई में कफ परेड से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) तक अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन-3 का पूरा रूट शुरू हो गया है। इस रूट पर यात्रियों का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह अंडरग्राउंड मेट्रो कई लोगों के लिए फायदेमंद है। इसने यात्रा को आरामदायक बनाने के साथ-साथ समय की भी बचत हो रही है। मुंबई मेट्रो ने दिव्यांग यात्रियों के किराए 25 फीसदी छूट देने का ऐलान किया है। यह छूट 23 नवंबर से लागू हो गई है। लेकिन यह सुविधा अभी सिर्फ़ iPhone (iOS) यूज़र्स के लिए ही है।
इस वजह से दिव्यांग यात्रियों में नाराज़गी फैल गई है।
मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार दीपक कैतके का कहना है कि बहुत से दिव्यांग यात्री अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह लाखों रुपये का iPhone कहाँ से खरीदेगा? सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए था। असल में, अगर कोई टेक्निकल प्रॉब्लम थी, तो उसे ठीक करने के बाद ही ऐलान करना चाहिए था। दूसरी ओर, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर दिव्यांगों के लिए मेट्रो का सफ़र 100 फीसदी छूट देने की मांग की है।
मुंबई मेट्रो ने दिया जवाब
बता दें कि मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) ने रविवार, 23 नवंबर से दिव्यांग यात्रियों के लिए 25 फीसदी छूट देने का ऐलान किया था। यह छूट MetroConnect-3 ऐप के ज़रिए एक्टिवेट की गई है। यह सुविधा दिव्यांग सर्टिफिकेट होल्डर्स के लिए लागू होगी। हालांकि, MMRC की पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर वैदेही मोरे के मुताबिक, "अभी यह सुविधा सिर्फ़ iOS (Apple) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। Android यूज़र्स के लिए ज़रूरी ऐप अपडेट Google Play Store पर अप्रूवल के लिए पेंडिंग है।" मोरे ने यह भी साफ़ किया, “एक बार अप्रूवल मिलने के बाद, यह सुविधा जल्द ही सभी Android यूज़र्स के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।”
किराए में 100 फीसदी छूट की मांग
राज्य में, महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (MSRTC) में महिलाओं के लिए 50 फीसदी मिलती है। वहीं 50 फीसदी रकम सरकार रिफंड के तौर पर देती है। इसी तरह, दिव्यांग ऑर्गनाइजेशन की तरफ से लगातार यह मांग की जा रही है कि दिव्यांग यात्रियों के लिए मेट्रो में भी इसी तरह का डिस्काउंट दिया जाए। हालांकि, MMRC के 25 फीसदी डिस्काउंट से भी लोगों में नाराजगी है।
दीपक कैताके ने कहा, "मुंबई मेट्रो स्टेशन और ट्रेनें अब भी दिव्यांगों के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर रैंप, वॉइस-बेस्ड इंस्ट्रक्शन और प्रायोरिटी एंट्री जैसी सुविधाओं की कमी के कारण, कई दिव्यांग यात्रियों को किसी साथी की मदद लेनी पड़ती है। इन अतिरिक्त मुश्किलों को देखते हुए, दिव्यांग भाइयों को मेट्रो यात्रा में पूरी 100 फीसदी छूट देने की मांग की जा रही है।