National Herald Case: दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने के संबंध में अपना आदेश 29 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा, ‘अदालत द्वारा दर्ज मामले के निरीक्षण के मद्देनजर ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल द्वारा दलीलें और स्पष्टीकरण दिए गए हैं। आगामी 29 नवंबर को आदेश के लिए सूचीबद्ध करें।’इससे पहले, अदालत ने मामले की फाइल का विस्तृत निरीक्षण करने की आवश्यकता बताते हुए ईडी के संज्ञान पर आदेश को भी स्थगित कर दिया था।
नैशनल हेराल्ड घोटाला मामले में गांधी परिवार पर आरोप
ईडी ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी, पार्टी के दिवंगत नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ-साथ सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और निजी कंपनी यंग इंडियन पर साजिश और धनशोधन का आरोप लगाया है। यह आरोप एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों के कथित रूप से धोखे से अधिग्रहण से संबंधित है। एजेएल ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार का प्रकाशन करता है।
ईडी की चार्जशीट में इनके नाम हैं शामिल
ईडी का आरोप है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन के 76 प्रतिशत शेयर थे, जिसने 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले में धोखाधड़ी करके एजेएल की संपत्ति हड़प ली। आरोप-पत्र में सोनिया गांधी और राहुल गांधी, पित्रोदा, दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और ‘डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम शामिल हैं।