काठमांडू: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचा दी है। मध्य नेपाल में आई बाढ़ के बाद अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, 2,400 से ज्यादा लोगों के अभी भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।
आठ जिलों में मिला शव, कई इलाके तबाह
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बचाव दलों ने बाढ़ से प्रभावित सभी आठ जिलों में तलाशी अभियान चलाया है। चितवन में सबसे ज्यादा 246 शव मिले हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 165, नवलपरासी पश्चिम में 63 और गोरखा में 57 लोगों के शव बरामद किए गए।
धादिंग से 45, नुवाकोट से 51, तनहूं से 35 और रसुवा से 13 शव मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान को और तेज किया गया है।
ग्लेशियर टूटने के बाद आया तेज मलबा
यह प्राकृतिक आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद शुरू हुई। इसके बाद पानी के साथ बड़ी मात्रा में कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे की ओर आया। इसकी चपेट में मध्य नेपाल के कई कस्बे और गांव आ गए। बाढ़ ने सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया, जबकि कई जलविद्युत परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं।
2500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राहत अभियान के चौथे दिन बचाव दलों ने करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान में 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं। इनमें 5,000 से ज्यादा नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। बचावकर्मी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।