Zohran Mamdani Letter: दिल्ली दंगों के मामले में करीब पांच साल से जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। इस बार न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने उन्हें चिट्ठी लिखकर हौसला दिया है। यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर सामने आई और चर्चा का विषय बन गई। यह लेटर खालिद की पार्टनर बानो ज्योत्सना लाहिरी ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
ममदानी की चिट्ठी
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने अपने हाथ से लिखे नोट में उमर खालिद को याद करते हुए लिखा कि वे अक्सर उनके विचारों को याद करते हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि कड़वाहट को मन में न पनपने देना कितना जरूरी है। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें खालिद के माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने यह भी लिखा कि "हम सब आपके बारे में सोच रहे हैं।"
यह संदेश उस समय सामने आया जब ममदानी को हाल ही में न्यूयॉर्क का मेयर चुना गया था और उन्होंने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद यह संदेश भेजा।
मामले की पृष्ठभूमि
उमर खालिद को सितंबर 2020 में दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। दिसंबर 2023 में उन्हें अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत दी गई थी।
परिवार की मुलाकात
खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि दिसंबर में अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने ममदानी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उमर की गिरफ्तारी और केस पर चर्चा की। इलियास ने कहा कि ममदानी ने उमर के जेल से लिखे पत्र भी पढ़े हैं और मामले को करीब से देख रहे हैं।
अमेरिकी सांसदों का समर्थन
इलियास ने डेमोक्रेट सांसद जेमी रस्किन से भी मुलाकात की। रस्किन ने उमर की गिरफ्तारी पर चिंता जताई और समर्थन दिया। उन्होंने परिवार के साथ तस्वीर भी साझा की। इसके अलावा, रस्किन और तीन अन्य अमेरिकी सांसदों ने भारत के राजदूत को पत्र लिखकर उमर की लंबी प्री-ट्रायल डिटेंशन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांच साल तक जमानत न मिलना अपने आप में सजा जैसा है।
उमर खालिद का मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। जहां एक ओर कानूनी प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज होती दिख रही है।