नितिन गडकरी ने किया बड़ा खुलासा, कहा - एथेनॉल नहीं होता तो यह बड़ी इंडस्ट्री नहीं बच पाती

Ethanol Production: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एथेनॉल की वजह से चीनी उद्योग जीवित है और गन्ना किसान इससे टिके हुए हैं। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कृषि पर नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

एडिटेड बाय Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
अपडेटेड15 Sep 2025, 01:56 PM IST
Ethanol Production: गडकरी ने कहा कि एथेनॉल से ईंधन आयात का बोझ घटेगा।
Ethanol Production: गडकरी ने कहा कि एथेनॉल से ईंधन आयात का बोझ घटेगा। (Livemint)

Ethanol Production: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि अगर एथेनॉल (Ethanol) का इस्तेमाल नहीं होता, तो देश का चीनी उद्योग अब तक संकट में फंस चुका होता। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों और चीनी मिलों का अस्तित्व आज सिर्फ एथेनॉल की वजह से बचा हुआ है। उन्होंने साफ किया कि आज गन्ना किसान और चीनी मिलें सिर्फ एथेनॉल उत्पादन की वजह से टिके हुए हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि भारत में चीनी का उत्पादन मांग से कहीं अधिक है, ऐसे में एथेनॉल का प्रयोग चीनी उद्योग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

गडकरी ने कहा कि भारत हर साल 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है, जिसमें एथेनॉल की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज, गन्ना किसान और चीनी मिल संचालक सिर्फ एथेनॉल के एडवांटेज के कारण ही सर्वाइव कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकी की जरूरत है। इस मामले में पहले ही प्रयोग किए जा चुके हैं।

पानी की कमी से किसान आत्महत्या के मजबूर - नितिन गडकरी

पुणे में नाम फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्र में गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में किसानों की आत्महत्या का सबसे बड़ा कारण पानी की कमी है। अगर इन इलाकों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होता, तो किसानों को इतना बड़ा कदम नहीं उठाना पड़ता। होंने जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।

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बता दें कि नाम फाउंडेशन की स्थापना अभिनेता नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे ने की है। इसका मकसद किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की मदद करना और जल संरक्षण जैसे सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देना है। रिपोर्ट के मुताबिक, गडकरी ने जल संरक्षण और आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के कल्याण के लिए फाउंडेशन के काम की सराहना की।

खेती में तकनीक की जरूरत

भाजपा नेता गडकरी ने जोर देकर कहा कि खेती में तकनीक को लाना अब अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई प्रयोग पहले से ही शुरू हो चुके हैं। उनका मानना है कि नई टेक्नोनॉजी के जरिए ही किसानों की उत्पादकता और आमदनी बढ़ाई जा सकती है।

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एथेनॉल पर सियासत

गडकरी के इस बयान से पहले कांग्रेस ने उन पर हितों के टकराव का आरोप लगाया था। विपक्ष का कहना है कि गडकरी एथेनॉल उत्पादन की पैरवी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके पुत्र एथेनॉल उत्पादक कंपनियों से जुड़े हुए हैं और सरकारी नीतियों से फायदा उठा रहे हैं। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया और कहा कि एथेनॉल नीति किसानों और उद्योग दोनों के लिए जरूरी है। कांग्रेस के आरोपों में वास्तविकता का कोई आधार नहीं है।

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