बिहार विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पहली बार राजधानी दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद थे। करीब आधे घंटे चली इस बैठक को बिहार में अगले पांच वर्षों के विकास एजेंडे को गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सात निश्चय 3.0 बना चर्चा का केंद्र
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्य रूप से बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी विकास कार्यक्रम सात निश्चय 3.0 को लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई। यह योजना वर्ष 2025 से 2030 तक राज्य के लिए विकास का ब्लूप्रिंट मानी जा रही है। योजना के तहत डबल एम्प्लॉयमेंट-डबल इनकम, बुनियादी ढांचे का विस्तार, कृषि क्षेत्र में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर है। इसे केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वय से जमीन पर उतारने की रणनीति पर सहमति बनी।
मंत्रिमंडल विस्तार और सियासी तालमेल
बैठक के दौरान बिहार मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। सूत्रों का कहना है कि यह विस्तार मकर संक्रांति के बाद हो सकता है। इसके अलावा अगले वर्ष होने वाले राज्यसभा और बिहार विधान परिषद चुनावों में एनडीए के भीतर तालमेल को लेकर भी बातचीत हुई। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को एनडीए के भीतर मजबूत समन्वय और भविष्य की रणनीति तय करने के तौर पर देखा जा रहा है।
शाह-राजनाथ से भी मिले सीएम नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके साथ आए नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। बैठक के बाद शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी और नीतीश के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार में सुशासन और जनकल्याण को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी शिष्टाचार भेंट कर राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।