
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सदन में विकास का विस्तृत रोडमैप पेश करते हुए दावा किया कि एनडीए सरकार आने वाले पांच वर्षों में राज्य को तीव्र गति से आगे ले जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर परिवार की आर्थिक मजबूती, रोजगार वृद्धि, उद्योगों का विस्तार और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस सुधार करना है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए को दिया गया प्रचंड जनादेश इस बात का प्रमाण है कि राज्य में विकास के काम जमीन पर दिख रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से आने वाले वर्षों में विकास कार्य कई गुना बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी या रोजगार दिया गया है और लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है।
अपने 20 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि 2005 में पहली राजग सरकार के गठन के बाद बिहार में कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए। डर और अपराध का माहौल समाप्त हुआ और शांति-सद्भाव का वातावरण स्थापित हुआ। उन्होंने शिक्षा विस्तार को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताते हुए कहा कि नए विद्यालयों की संख्या बढ़ाई गई है और लगातार भर्ती प्रक्रिया से सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 5.2 लाख तक पहुंच गई है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं को भी उन्होंने परिवर्तनकारी बताया।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मुफ्त दवा और उपचार ने अस्पतालों को सशक्त बनाया है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो चुकी है और कई नए कॉलेज भी निर्माणाधीन हैं। पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में बेड क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी। राज्य के सड़क नेटवर्क पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में ही छह घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया था और अब यात्रा समय पांच घंटे पर आ गया है। पांच नए एक्सप्रेसवे, चौड़ी सड़कों, नए पुलों और बाईपासों से यह कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन; चाहे अनाज, फल, सब्जी, दूध या मछली सबमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन तो 2.5 गुना से भी अधिक बढ़ चुका है, जिससे किसान आत्मनिर्भर हुए हैं। नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजनाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि घर-घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़क की सुविधा ने ग्रामीण बिहार का जीवन स्तर बदल दिया है। उन्होंने कहा कि 2018 से हर घर तक बिजली पहुंच चुकी है और इच्छुक परिवारों को सोलर पैनल देने का भी प्रस्ताव है।
महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण, सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण और जीविका महिला समूहों की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1.56 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपए की सहायता दी गई है और भविष्य में सफल महिला उद्यमियों को 2 लाख रुपए तक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दी गई है और मदरसों को सरकारी मान्यता के साथ उनके शिक्षकों को बराबरी का वेतन दिया जा रहा है।
सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बिहार में सड़क, उद्योग, बाढ़ नियंत्रण, पर्यटन, हवाई अड्डों और कोसी नहर परियोजना में पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिहार आने वाले वर्षों में और अधिक रफ्तार से आगे बढ़ेगा और विकास की यह यात्रा रुकने वाली नहीं है। नीतीश कुमार ने राज्य विधानसभा के सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए हाथ उठाएं। नीतीश ने राज्यपाल द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।
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