गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार 2026 का ऐलान कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, इस साल कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं। ये सम्मान कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक जीवन और उद्योग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वालों को दिए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार सूची में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें मरणोपरांत (Posthumous) सम्मान दिया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में होने वाले औपचारिक समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पद्म विभूषण: सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वाले नाम
पद्म विभूषण की कैटेगरी में कुल 5 हस्तियों को चुना गया है। इनमें दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (धर्मेंद्र) को कला के क्षेत्र में मरणोपरांत सम्मान दिया गया है। इसके अलावा केरल के टी. के. थॉमस और श्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को पब्लिक अफेयर्स, उत्तर प्रदेश की एम. एन. राजम को कला और केरल के पी. नारायणन को साहित्य एवं शिक्षा के लिए चुना गया है। ये नाम देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक जीवन में गहरी छाप छोड़ चुके हैं।
पद्म भूषण: 13 हस्तियों को मिला सम्मान
पद्म भूषण सूची में कला, चिकित्सा, खेल और पब्लिक अफेयर्स से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हैं। महाराष्ट्र के अजय याग्निक, केरल के मामूटी, तमिलनाडु के डॉक्टर कल्लियप्पन रामासामी पलानीस्वामी, अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु, और खेल जगत से विजय अमृतराज को इस कैटेगरी में चुना गया है। इसके अलावा पीयूष पांडेय (मरणोपरांत), वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत), सिबू सोरेन (मरणोपरांत) जैसे नाम भी सूची में हैं।
पद्म श्री: सबसे ज्यादा 113 नाम
पद्म श्री अवॉर्ड्स की सूची सबसे लंबी है, जिसमें 113 लोगों को शामिल किया गया है। इसमें केरल के ए. ई. मुथुनयागम, उत्तर प्रदेश के अमित कुमार कस्तोगी, कर्नाटक के आलिया कौड़ा एम., महाराष्ट्र की डॉक्टर अमृदा फर्नांडीज, गुजरात के अरविंद वैद्य, पश्चिम बंगाल के अशोक कुमार हलदार, पंजाब के खिलाड़ी बलदेव सिंह, मध्य प्रदेश के भगवंदास राइकवार, बिहार के भारत सिंह भारती, जम्मू-कश्मीर के रियाज लाल भट्ट और तेलंगाना के वैज्ञानिक चंद्रमौली गड्डामनुगु जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम कर देश को नई पहचान दिलाने वाले लोग हैं।