22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देशभर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। इसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कर्नाटक के करवार पोर्ट पर इराक से आए एक मालवाहक जहाज के क्रू में शामिल एक पाकिस्तानी और दो सीरियाई नागरिकों को बंदरगाह पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई।
दो दिन तक जहाज पर ही रखे गए तीनों विदेशी नागरिक
इराक से रवाना हुए इस जहाज पर कुल 18 लोग सवार थे, जिनमें 15 भारतीय, 1 पाकिस्तानी और 2 सीरियाई नागरिक शामिल थे। जब करवार पोर्ट पर जहाज ने डॉक किया, तो पोर्ट अधिकारियों और कोस्टल सिक्योरिटी पुलिस ने अलर्ट होकर तीनों विदेशी नागरिकों को जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी।
दो दिन तक इन्हें जहाज पर ही रहने का आदेश दिया गया, जब तक कि जहाज से माल नहीं उतर गया। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बाद में इन तीनों को उसी जहाज के साथ वापस भेज दिया गया।
जब्त किए गए मोबाइल और दस्तावेज
सुरक्षा के लिहाज से पोर्ट अधिकारियों ने जहाज के कप्तान के माध्यम से तीनों नागरिकों के मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए। जानकारी के मुताबिक, यह जहाज बिटुमेन लादकर अल ज़ुबैर (इराक) से करवार आया था। पूरी प्रक्रिया सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तटीय पुलिस और बंदरगाह विभाग ने मिलकर की।
करवार पोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अंतरराष्ट्रीय जहाजों में कई बार अलग-अलग देशों के नागरिक सवार रहते हैं, लेकिन भारत में उतरने के लिए खास अनुमति होना जरूरी है। इस मामले में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से मानक प्रक्रिया का पालन किया गया।”
वहीं, कोस्टल सिक्योरिटी पुलिस के इंस्पेक्टर निश्चल कुमार ने कहा, “इन विदेशी नागरिकों को मोबाइल इस्तेमाल करने से मना किया गया और उन्हें जहाज के साथ ही वापस भेज दिया गया। फिलहाल समुद्री सीमा की निगरानी और कड़ी कर दी गई है।”
भारत ने पहले ही पाकिस्तानी वीजा रद्द किए
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी झंडा लगे जहाजों के भारत में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां अब किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए हैं और किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया जा रहा।