लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर बंगालियों से नफरत करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बांग्लाभाषी लोगों को रोहिंग्या बताकर देश से बाहर निकाला जा रहा है, जबकि गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत मिजोरम में रोहिंग्याओं को प्रवेश दिया जा रहा है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि यदि दिल्ली में कोई बांग्ला बोलता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है, जो भेदभावपूर्ण रवैये को दिखाता है।
रोहिंग्या, मिजोरम और गृह मंत्रालय पर सवाल
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ने मिजोरम सरकार को बाहर से आने वालों को प्रवेश की अनुमति दी है और यही वजह है कि रोहिंग्याओं का आगमन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बंगालियों को रोहिंग्या बताकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्या कहीं और है। सांसद बनर्जी ने भाजपा को बंगाली हेटर करार देते हुए कहा कि इसी सोच के कारण ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी गई और राजा राममोहन राय की आलोचना की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंकिमचंद्र चटर्जी को बंकिम दा कहे जाने पर भी तंज कसा।
नागरिकता, बीएसएफ और SIR प्रक्रिया पर हमला
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल से जुड़े एक केंद्रीय मंत्री नागरिकता प्रमाण-पत्र बांट रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अर्द्ध न्यायिक शक्तियों का इस्तेमाल कर यह तय कर रही है कि देश का नागरिक कौन होगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में डर का माहौल है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची से नाम हटा दिए जाएंगे तो चुनाव का क्या मतलब रह जाएगा। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि अब मतदाता नहीं, बल्कि सरकार तय कर रही है कि कौन वोट देगा।
SIR पर बिहार से बंगाल तक गंभीर आरोप
टीएमसी सांसद ने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को समावेश के बजाय बहिष्करण का औजार बताया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले किए गए एसआईआर में एक भी घुसपैठिया नहीं मिला, बावजूद इसके बड़े-बड़े दावे किए गए। उन्होंने बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में 20 प्रतिशत बीएलओ ने आत्महत्या कर ली, पांच प्रतिशत बीमार पड़ गए और तीन प्रतिशत ने आत्महत्या की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि ऐसे ही हालात उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में भी हैं।